
दिवाली के बाद कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गोवर्धन का पर्व मनाया जाएगा। मथुरा-वृंदावन समेत देशभर में गोवर्धन पूजा के साथ मंदिरों में अन्नकूट का प्रसाद बांटा जाएगा। बता दें कि कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा तिथि 25 अक्टूबर की शाम 4:37 बजे प्रारंभ हुई थी, जो 26 अक्टूबर को दोपहर 3.35 बजे तक रहेगी। वहीं, कार्तिक शुक्ल द्वितीया को भैया दूज का पर्व मनाया जाएगा। कार्तिक शुक्ल द्वितीया 26 अक्टूबर को दोपहर 3.35 बजे से 27 अक्टूबर दोपहर 2.12 बजे तक रहेगी। इसलिए भैया दूज का पर्व 27 अक्टूबर गुरुवार को मनाया जाएगा।
गोवर्धन पर्व पर इस बार स्वाति नक्षत्र का अद्भुत संयोग बन रहा है। गोवर्धन पर घर के बाहर गाय के गोबर से गोवर्धन बनाया जाता है और शुभ मुहूर्त पर परिवार के लोग पूजन करते हैं। वहीं मंदिरों में अन्नकूट का प्रसाद बनाकर भगवान को भोग अर्पित किया जाता है। इसके बाद उस प्रसाद को श्रद्धालुओं में वितरित किया जाता है।
गोवर्धन पूजा की परंपरा
ज्योतिषाचार्य पं. चंद्रशेखर शर्मा ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने बाल अवस्था में इंद्र की पूजा को निषिद्ध करते हुए गोवर्धन की पूजा कराई थी। इस कारण इंद्र ने ब्रज क्षेत्र में भारी वर्षा की तो भगवान श्रीकृण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर रखकर ब्रजवासियों को उसके नीचे खड़ाकर इंद्र के प्रकोप से बचाया। तभी से कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा पर गोवर्धन पूजा और अन्नकूट की परंपरा चली आ रही है।
सर्वार्थ सिद्धि और यायिजय योग का अद्भुत संयोग
पंडित चंद्रशेखर शर्मा ने बताया कि कार्तिक शुक्ल द्वितीया पर भैया दूज का पर्व मनाया जाता है। इस बार कार्तिक शुक्ल द्वितीया 26 अक्टूबर को दोपहर 3:35 बजे से 27 अक्टूबर को दोपहर 2.12 बजे तक है। इसलिए भैया दूज का पर्व 27 अक्टूबर गुरुवार को मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार यम द्वितीया पर सर्वार्थ सिद्धि और यायिजय योग का अद्भुत संयोग बन रहा है।
Published on:
26 Oct 2022 10:00 am
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