
शहीद का स्मारक बदहाली का शिकार, परिजनों की सरकार से टूटी आस
मथुरा। देश की रक्षा करते हुए जिनके लाडले बेटे ने अपनी जान दी उसीके परिजनों के साथ सरकार इस तरह का छलावा करेगी यह मालूम न था। वह परिवार का सहारा था लेकिन अब परिवार की माली हालत कुछ ठीक नहीं है। शहादत के समय सरकार ने जो वायदे किये थे उन्हें भी सरकार भूल चुकी है।
सरकार से कोई मदद नहीं
जम्मू कश्मीर के नौगांव सेक्टर में शहीद हुए बबलू सिंह के स्मारक पर आज पत्रिका की टीम पहुंची और शहीद बबलू सिंह के स्मारक के हालातों के बारे में जाना। शहीद का स्मारक महज 60 गज के जमीन के टुकड़े में बना हुआ है और यहां की साफ सफाई शहीद बबलू का छोटा भाई हरिओम प्रति दिन आकर करता है। जब हमने शहीद के भाई से यहां के हालातों के बारे में जाना तो काफी कुछ निकलकर सामने आया। शहीद बबलू सिंह के छोटे भाई हरिओम ने बताया कि हम प्रतिदिन आकर स्मारक की सफाई करते हैं और ग्राम पंचायत की तरफ से कोई भी कर्मचारी यहां नहीं लगाया गया है। कोई भी ध्यान नहीं देता स्मारक के लिए जैसे तैसे जमीन मिली वह भी 50 से 60 गज की स्मारक के अंदर सरकार से कोई मदद नहीं दी गई केवल एक छोटी सी मदद मिली, सांसद निधि से एक लाइट लगवा दी गई। वह लाइट खराब हो गई है कई बार शिकायत की लेकिन इसको ठीक करने के लिए कोई नहीं आया। स्मारक भी हम लोगों ने अपने ही पैसों से बनाया है सरकार ने जो हमसे वादे किए वह आज तक पूरा नहीं हुआ और लगता है कि वह वादे पूरे होंगे।
शहीद बबलू के भाई हरिओम ने बताया कि 2016 में बबलू शहीद हुए। वह अपने पीछे दो बच्चे छोड़ कर गए।सरकार ने जो वादा किया था उसके अनुसार कुछ भी नहीं मिला। परिवार में से किसी एक को नौकरी देने का वादा किया था लेकिन वो वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ है।
Published on:
15 Aug 2018 03:33 pm
बड़ी खबरें
View Allमथुरा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
