
दबंगों के जुल्म और पुलिस की ज्याद्ती से लड़ते हुए जिंदगी की जंग हारा जोगेंद्र, पत्नी की हालत गंभीर
मथुरा। पुलिसिया ज्यादती और दबंगों के जुल्म का शिकार हुआ जोगेंद्र जिंदगी की जांग हार गया है। न्याय न मिलने से क्षुब्ध होकर कोतवाली में खुद को आग लगाने वाले जोगेंद्र ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया है। जोगेंद्र की पत्नी की हालत भी लगातार बिगड़ती जा रही है। जोगेन्द्र की मौत के बाद पुलिस विभाग में खलबली मची हुई है।
क्या है मामला
बता दें कि सुरीरकलां निवासी दंपति जोगेंद्र और चंद्रवती दबंगों के कहर से परेशान था। वह पुलिस प्रशासन से कई बार गुहार लगा चुका था। दरोगा से लेकर एसएसपी तक उसने न्याय की गुहार लगाई लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। सिस्टम से क्षुब्ध होकर 28 अगस्त को जोगेंद्र और चंद्रवती ने सुरीर कोतवाली में खुद को आग लगा ली। इसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आईजी ए सतीश गणेश मथुरा पहुंचे। उन्होंने मामले में पुलिस की लापरवाही मानते हुए इंस्पेक्टर और दो दरोगा निलंबित करने के आदेश दिए। उधर हालत बिगड़ने पर दंपति को दिल्ली के सफदरजंग में भर्ती कराया गया। रविवार को जोगेंद्र ने दम तोड़ दिया वहीं डॉक्टरों के मुताबिक जोगेंद्र की पत्नी चंद्रवती की हालत बिगड़ती जा रही है।
वहीं जोगेंद्र के बेटे की तहरीर पर बबलू ठाकुर पुत्र वीरी सिंह, शिम्मो पुत्र जल सिंह, सत्यापाल पुत्र थान सिंह, थान सिंह पुत्र निनुआ और मोहनश्याम पुत्र दौलतराम के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। जोगेंद्र के बेटे ने आरोप लगाया है कि इन सभी ने पहले मारपीट की और फिर मेरे मां-बाप को मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। सत्यपाल और मोहनश्याम गिरफ्तार करके जेल भेजे जा चुके हैं, जबकि तीन फरार आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
Updated on:
02 Sept 2019 07:23 am
Published on:
01 Sept 2019 05:37 pm
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