
देशी परिधानों में विदेशी भक्तों में दिखाई गजब की कृष्ण भक्ति
मथुरा। कान्हा की नगरी में उल्टी गंगा बह रही है। जिस देशी भेषभूषा को ब्रजवासी पिछड़ापन समझ कर त्याग रहे हैं, उसे विदेशी भक्त सहजभाव से अपना रहे हैं। कान्हा की नगरी में विदेशी भक्त कान्हा की भक्ती के साथ ही यहां की संस्कृति के प्रति भी गर्व का भाव भर रहे हैं।
गोवर्धन परिक्रमा मार्ग में पहुंचे यूक्रेन, रूस व तजाकिस्तान के कृष्ण भक्त ठेठ देशी परिधानों में शोभा पा रहे थे। दल में शामिल सभी यात्री भारतीय परिधान में सजेधजे थे और पहली बार भारत आए हैं। ये अपने-अपने देश के इस्कॉन से जुड़े हैं। गोवर्धन परिक्रमा में कच्ची तलहटी से गुजरते इन विदेशी भक्तों में से कई महिला व पुरुष रेत में लोट पोट हो रहे थे। इनमें गजब की भक्ति थी। ये लोग हिन्दी नहीं जाते थे लेकिन हरे राम हरे कृष्णा पर संकीर्तन करते चले जा रहे थे।
इन्हें गाइड करने वाले ने जैसे ही कहा कि इस रेत में लार्ड कृष्ण बचपन में खेले थे। यहां आप भी ऐसा कर सकते हो। इतना कहते ही कई रेत में लोटने लगे। दूसरों ने रेत उड़ेला। वे प्रभुपाद महाराज हिंदी शब्द जरूर जानते थे। जिसने भी इस विदेशी टोली की कृष्ण भक्ति को देखा भावविभोर हो उठा।
Updated on:
01 Dec 2019 03:22 pm
Published on:
01 Dec 2019 02:04 pm
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