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Reality Check हर रोज स्कूल आते-जाते ‘मौत का सफर’ तय करने को मजबूर मासूम

कुशीनगर स्कूल वैन हादसे के बाद भी सबक नहीं लिया जा रहा है।

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मथुरा

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Amit Sharma

Apr 26, 2018

Kushinagar Accident

मथुरा। स्कूल बसों में तादात से ज्यादा बच्चों को लाया और छोड़ा जाता है और यही ओवर लोडिंग बसें हादसे का अक्सर शिकार होती हैं। कुशीनगर में हुए हादसे के बाद भी स्कूल बसों के चालक सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं, स्कूल वैन और बसों के चालक कान में ईयर फोन लगा कर बस और वैन चलाते देखे गए।

यह भी पढ़ें- कुशीनगर: बच्चों ने ट्रेन देख कर चालक से वाहन रोकने को कहा था, ईयरफोन के चलते चालक को ट्रेन व बच्चों की नहीं सुनायी दी आवाज

रियल्टी चेक- 1

गुरूवार सुबह कुशीनगर में हुए हुए दर्दनाक हादसे के बाद भी तमाम स्कूलों के बस और वैन चालक सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं कान में ईयर फोन लगा कर ड्राइव करते नजर आए। जब हमारी टीम ने स्कूल बसों का रियल्टी चेक किया तो ज्यादातर स्कूल बस इस रियल्टी चेक में फ़ैल हुईं। कान्हा माखन मिलेनियम स्कूल का वैन का चालक अपने कानों में ईयर फ़ोन लगाकर वैन को चलाता दिखा। जब हमने वैन चालक से कानों में ईयर फ़ोन लगाकर वैन चलाने पर सवाल किया तो चालक ने कहा कि एक फोन आ गया था उससे बात कर रहा था। वैन चालक द्वारा कानों में ईयर फोन लगाकर वैन चलाने पर जब स्कूल के बच्चों से बात की गई तो उन्होंने साफ खतरा जाहिर किया।

रियल्टी चेक- 2

वहीं जब हम मसानी चौराहे पर आगे बढ़े तो कान्हा माखन पब्लिक स्कूल की बस में बच्चे तादात से अधिक मिले और चालक से ओवर लोडिंग बस को लेकर सवाल किया तो स्कूल बस के चालक ने दूसरी बस ख़राब होने का बहाना लगा दिया। चालक ने खुद स्वीकार किया कि बस में 35 बच्चे की क्षमता है और इस बस में 60 बच्चे हैं। जब ओवर लोडिंग के बारे में स्कूल की अध्यापिका से बात की गई तो उन्होंने इस बारे में कुछ भी जानकारी नहीं होने की बात कह कर पल्ला झाड़ लिया, यानि स्कूल प्रशासन भी बच्चों की जान खतरे में डाल बेफिक्र है।

रियल्टी चेक- 3

यही कुछ हाल देखने के मिला पातीराम स्कूल की बस का इस बस में भी तादात से ज्यादा बच्चे मिले। यहां भी स्कूल प्रशासन भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेपरवाह नजर आया। स्कूल प्रशासन ने कुछ भी जवाब देने से साफ कर दिया।

क्या कर रही है ट्रैफिक पुलिस?

हैरानी की बात यह है कि इस तरफ ट्रैफिक पुलिस का भी कोई ध्यान नहीं रहता। यातायात नियमों का पालन कराने के सभी दावे खोखले साबित हो रहे हैं। खुलेआम ओवर लोडिंग स्कूल बस सड़कों पर फर्राटा भारती नजर आ रही हैं। यातायात नियमों की अनदेखी कर बच्चों की जान जोखिम डाली जा रही है।