
मथुरा के इस्कान मंदिर में विदेशी श्रद्धालु ने किया डांस | Image Source - Social Media
Mathura vrindavan krishna janmashtami iskcon foreign devotees dance: मथुरा-वृंदावन में इस बार श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की भव्यता देखते ही बन रही है। जन्मस्थान के बाहर भारी भीड़ उमड़ी है, वहीं वृंदावन में 10 लाख से अधिक भक्तों की मौजूदगी ने इस पावन पर्व को और भी खास बना दिया। हर गली-नुक्कड़ पर "राधे-राधे" और "कृष्ण-कृष्ण" के जयकारे गूंज रहे हैं।
वृंदावन के इस्कान मंदिर में भी भक्तों का सैलाब उमड़ा है। बड़ी संख्या में विदेशी श्रद्धालु यहां पहुंचे और भक्ति में लीन होकर नृत्य करने लगे। कृष्ण-भक्ति में झूमते विदेशी भक्तों का नजारा देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो उठा। मंदिर परिसर ‘हरे राम हरे कृष्ण’ की ध्वनि से गूंज उठा।
सुबह 5:30 बजे शहनाई और नगाड़ों की गूंज के बीच ठाकुरजी की मंगला आरती हुई। इसके बाद पंचामृत से अभिषेक किया गया। सुबह 9 बजे भागवत भवन में पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसके बाद ठाकुरजी के दर्शन शुरू हो गए। भक्तों की लंबी कतारें मंदिर के बाहर देखी गईं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मथुरा पहुंचे और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने कान्हा बने छोटे बच्चों को गोद में लेकर दुलारा, उन्हें खीर खिलाई, तिलक लगाया और मोतियों की माला पहनाई। बच्चों को खिलौने भी भेंट किए।
सीएम योगी ने कहा कि पौराणिक विरासत को बचाने के लिए हम सबको मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने चेताया कि दुष्प्रवृत्तियां देश को जाति, भाषा और क्षेत्र के नाम पर बांटना चाहती हैं, लेकिन हमें संरक्षण और एकता की राह पर चलना होगा। यह सीएम योगी का पिछले 8 सालों में 38वां मथुरा दौरा है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर का गर्भगृह इस बार कारागार की तरह सजाया गया है। इसमें 221 किलो चांदी का प्रयोग किया गया है। मंदिर को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की थीम पर सजाया गया, जहां ठाकुरजी का फूल बंगला सिंदूरी रंग के फूलों से तैयार किया गया। यह फूल विशेष रूप से कोलकाता और बेंगलुरु से मंगाए गए।
वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर से ठाकुरजी के लिए विशेष उपहार भेजे गए, जिनमें टॉफी, चॉकलेट और लड्डू शामिल हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि कान्हा की पोशाक मथुरा के कारीगरों ने 6 महीने की मेहनत से तैयार की है। इसमें सोने-चांदी के तार और इंद्रधनुष के सातों रंग शामिल किए गए हैं।
बांके बिहारी मंदिर में ठाकुरजी के जन्म की प्रक्रियाएं रात 12 बजे शुरू होंगी। दूध, दही, घी, शहद, इत्र और यमुना जल से उनका अभिषेक होगा। इसके बाद ठाकुरजी को पीतांबर वस्त्र और आभूषण पहनाए जाएंगे।
रात 1:30 से 2 बजे तक ठाकुरजी जगमोहन दर्शन देंगे और 16 अगस्त की पूरी रात भक्तों के लिए दर्शन खुले रहेंगे। विशेष मंगला आरती में शामिल होने के लिए लाखों श्रद्धालु पहले से ही पहुंच चुके हैं।
Published on:
16 Aug 2025 09:38 pm
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