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मथुरा की मीरा ठाकुर का डबल रोल, मुखबिरी भी, जासूसी भी! पाकिस्तान कनेक्शन आया सामने

पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गाजियाबाद पुलिस ने तीन और आरोपी गिरफ्तार किए हैं। इनमें मथुरा के औरंगाबाद निवासी मुंबई पुलिस की महिला मुखबिर मीरा ठाकुर, एक नाबालिग और एक मुख्य आरोपी शामिल है। इनसे तीन मोबाइल फोन मिले हैं। कौशांबी थाना पुलिस अब तक 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

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मथुरा

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Aman Pandey

Mar 23, 2026

पुलिस गिरफ्त में आरोपी।

बिहार के मुजफ्फरपुर के हरचंदा गांव के मूल निवासी और फरीदाबाद के नचौली में रहने वाले नौशाद अली उर्फ लालू और मथुरा के औरंगाबाद की रहने वाली मीरा ठाकुर को गिरफ्तार किया है। एक नाबालिग भी पकड़ा है। तीनों पाकिस्तान में बैठे मास्टरमाइंड सरदार के व्हाट्सऐप ग्रुपों में जुड़े हुए थे। गिरफ्तार मीरा ठाकुर बिजनौर के मुख्य आरोपी सुहेल मलिक उर्फ रोमियो से सोशल मीडिया पा डेढ़ साल से अधिक समय से जुड़ी हुई थी।

अपराधियों को हथियार सप्लाई करती थी मीरा

पुलिस के मुताबिक मीरा मुंबई आती-जाती रहती है। सूत्रों के अनुसार मुंबई में अभिनेता सलमान खान के घर पर हमला करने के एक आरोपी की गिरफ्तारी मीरा की मुखबिरी पर ही हुई थी। पुलिस ने बताया कि मीरा दिल्ली-एनसीआर के अपराधियों को हथियार सप्लाई करती थी। सूत्रों के अनुसार आगरा में मीरा का मायका है और मथुरा में उसकी ससुराल है।

पिछले छह महीनों में बड़े आतंकी और जासूसी नेटवर्क का खुलासा

बता दें कि पिछले छह महीनों में पुलिस ने छोटे-छोटे सुरागों के आधार पर बड़े आतंकी और जासूसी नेटवर्क का खुलासा किया है। अक्टूबर में श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद के धमकी भरे पोस्टरों से शुरू हुई जांच ने जहां एक बड़े आतंकी नेटवर्क तक पहुंचाया, वहीं हाल ही में गाजियाबाद में एक बीट कांस्टेबल की सतर्कता ने जासूसी रैकेट का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने शुक्रवार को प्रेस नोट जारी कर सिपाही की मुस्तैदी की सराहना की है।

सीसीटीवी फुटेज के जरिए की गई संदिग्धों की पहचान

अक्टूबर में श्रीनगर के बनपोरा नौगाम इलाके में लगे धमकी भरे पोस्टरों को पुलिस ने गंभीरता से लिया और जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज के जरिए संदिग्धों की पहचान की गई। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि नेटवर्क शोपियां से लेकर हरियाणा तक फैला हुआ है, जिसमें फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े एक डॉक्टर का नाम भी सामने आया।

बीट कांस्टेबल की सूझबूझ से खुला जासूसी रैकेट

वहीं गाजियाबाद में मार्च की शुरुआत में कौशांबी क्षेत्र में तैनात बीट पुलिस अधिकारी सिपाही विनेश चौधरी को एक बाइक मैकेनिक की दुकान पर कुछ युवकों की बातचीत संदिग्ध लगी। एक युवक फोटो-वीडियो बनाकर पैसे कमाने की बात कर रहा था, जिस पर सिपाही को शक हुआ और उसने तुरंत इसकी सूचना थाना प्रभारी को दी। यह इनपुट आगे चलकर बेहद अहम साबित हुआ।

पुलिस ने संदिग्ध प्रवीन को हिरासत में लेकर उसका मोबाइल खंगाला, जिसमें रेलवे स्टेशन, सैन्य ठिकानों और सुरक्षा बलों से जुड़े संवेदनशील स्थानों के फोटो और वीडियो मिले। साथ ही विदेशी नंबरों से चैट के सबूत भी सामने आए। इसके बाद पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए सुहेल मलिक समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर एक बड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा किया।

जांच में सामने आया कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से संवेदनशील जगहों की जानकारी जुटाकर विदेश भेजता था और इसके बदले पैसे लेता था। इतना ही नहीं, यह नेटवर्क अन्य युवाओं को भी इस गतिविधि में शामिल करने की कोशिश कर रहा था।