23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Once Upon A Time श्रीकृष्ण के शाप से चतुर्वेदी समाज के लोग रहते हैं बृज भ्रमण पर, पत्नी करती है घर में राज

वृंदावन-मांट रोड पर है भतरौंड बिहारी मंदिरग्वालों को भोजन न देने पर दिया था शापचतुर्वेदी समाज की पत्नियों को दिया था आशीर्वाद

3 min read
Google source verification

मथुरा

image

Amit Sharma

Dec 12, 2019

Once Upon A Time श्रीकृष्ण के शाप से चतुर्वेदी समाज के लोग रहते हैं बृज भ्रमण पर, पत्नी करती है घर में राज

Once Upon A Time श्रीकृष्ण के शाप से चतुर्वेदी समाज के लोग रहते हैं बृज भ्रमण पर, पत्नी करती है घर में राज

मथुरा। भगवान श्री कृष्ण और बलराम ने मथुरा और वृंदावन में अनेक लीलाएं की हैं। इन्हीं लीलाओं में से एक है भतरौंड बिहारी मंदिर की लीला। यहां भगवान श्रीकृष्ण ने बड़े भाई बलदाऊ के साथ दही और चावल का भोग लगाकर भतरौंड बिहारी के नाम से विराजमान हो गए। पत्रिका के विशेष कार्यक्रम Once Upon a Time में आज हम भतरौंड बिहारी मंदिर के इतिहास के बारे में जानेंगे। इसकी कहानी बड़ी रोचक है।

यह भी पढ़ें- गन्ना भुगतान न होने से नाराज किसानों ने किया प्रदर्शन

चतुर्वेदी समाज के लोगों ने भोजन नहीं दिया
कहा जाता है कि श्रीकृष्ण और बलराम ब्रज में गायों को चलाया करते थे। इसी दौरान वह कुछ ना कुछ लीलाओं को भी दिखाया करते थे। मथुरा से करीब 18 किलोमीटर की दूरी पर वृंदावन-माँट रोड पर बना है भतरौंड बिहारी मंदिर। मंदिर के महंत श्री संतदास ने भगवान श्रीकृष्ण और बलराम की लीलाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा एक समय जब भगवान श्रीकृष्ण गाय चराने अपने भाई बलराम और अपने सभी सखाओं को साथ लाए। उसी दौरान कुछ साथियों ने उनका रास्ता रोक लिया और पूछा कि आज कहां गाय चराने जाएंगे, हम आपके लिए भोजन लेकर आएंगे। भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें परेशान करने के लिए कह दिया कि हम उत्तर दिशा में जाएंगे और गायों को लेकर वह पश्चिम की ओर चल दिए। गाय चराते हुए वृंदावन आ गए। जब उन्हें भूख लगी तो वृंदावन में कुछ लोग भोजन तैयार कर रहे थे। उन्होंने अपनी सखाओं को उनके पास भेजा। गोस्वामी समाज के लोगों ने उन्हें खाना देने से मना कर दिया और ग्वालों को वहां से भगा दिया।

यह भी पढ़ें- Yamuna Expressway पर अनियंत्रित कार पलटी, तीन की मौत और दो घायल

पत्नियों ने दिया भोजन
मंदिर महंत श्री संत दास महाराज ने यह भी बताया कि जब श्रीकृष्ण ने ग्वालबालों से उस बात को सुना कि चतुर्वेदी समाज के लोगों ने उन्हें भगा दिया है तो उन्होंने कहा कि इनकी पत्नियों के पास जाओ और भोजन लेकर आओ। चतुर्वेदी समाज की उन महिलाओं के पास ग्वालबाल गए तो उन्होंने भगवान के भोग के लिए अनेक प्रकार के व्यंजन बनाकर रखे थे। गोस्वामियों की पत्नियों ने वह व्यंजन भगवान श्रीकृष्ण के ग्वालाओं को दे दिए। सभी ने प्रेमपूर्वक भोजन किया।

यह भी पढ़ें- बीएड की फर्जी डिग्री से नौकरी करने वाले 116 शिक्षक बर्खास्त, FIR का भी आदेश

घर में रानी बनकर करेंगी राज
भगवान श्रीकृष्ण ने उन पत्नियों को आशीर्वाद दिया कि वह हमेशा घर में राज करेंगी। उनके पति तीर्थ पुरोहित बनकर तीर्थयात्रियों को बृज के दर्शन कराने में अपना जीवन व्यतीत करेंगे। उन्होंने कहा कि उसी आशीर्वाद के चलते और यह प्रथा चली आ रही है कि चतुर्वेदी समाज के लोग धिकतर यात्राओं में व्यस्त रहते हैं। उनकी जो पत्नियां घर में रानी की तरह राज करती हैं।

यह भी पढ़ें- हरियाणा से लाई जा रही 20 लाख की अवैध शराब बरामद, दो गिरफ्तार, देखें वीडियो

ऐसे पहुँचा जा सकता है भतरौंड बिहारी मंदिर
अगर आप वृंदावन आ रहे हैं और भतरौंड बिहारी मंदिर जाकर दर्शन करना चाहते हैं तो रास्ता बहुत आसान है। अगर आप ट्रेन से आ रहे हैं तो पहले आपको मथुरा जंक्शन पर उतरना पड़ेगा। यहां से ऑटो या टैक्सी लेकर वृंदावन के सौ शैय्या हॉस्पिटल के सामने होकर माल रोड पर चलना पड़ेगा। वृंदावन की नवीन सब्जी और फल मंडी से करीब 50 मीटर दूर सीधे हाथ पर रास्ता मंदिर बिहारी के लिए जाता है। अगर आप अपने वाहन से यमुना एक्सप्रेस-वे होते हुए आ रहे हैं तो पहले आपको वृंदावन कट पर उतरकर वृंदावन के लिए आना होगा। पानी गांव के पुल को पार कर सीधा सौ शैय्या (मायावती हॉस्पिटल ) रोड पर चलना है। पानी गांव की तरफ से आप आ रहे हैं तो लेफ्ट हैंड साइड में नवीन फल और सब्जी मंडी से 50 मीटर पीछे मुड़ना होगा।