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पाकिस्तानी टिड्डी दल ने बढ़ाई हिंदुस्तान के किसानों की चिंता

कृषि विभाग की ओर से जब से इन टिड्डियों के यहां आने की आशंका जताई गई है तब से किसान परेशान है।

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मथुरा

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Amit Sharma

Feb 10, 2020

पाकिस्तानी टिड्डी दल ने बढ़ाई हिंदुस्तान के किसानों की चिंता

पाकिस्तानी टिड्डी दल ने बढ़ाई हिंदुस्तान के किसानों की चिंता

मथुरा। भरी सर्दियों में किसान ने रखवाली की अब उस किसान की फसल पर पाकिस्तानी टिड्डी दलों का खतरा मंडरा रहा है। कृषि जानकारों की मानें तो लाखों-करोड़ों की संख्या में आने वाले ये टिड्डे चंद घण्टों में देखते ही देखते फसल को सफाचट कर जाते हैं। कृषि विभाग की ओर से जब से इन टिड्डियों के यहां आने की आशंका जताई गई है तब से किसान परेशान है। हालांकि कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा टिड्डियों से फसल के बचाव के सुझाव भी दिए जा रहे हैं।

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ये है मामला

पाकिस्तान से टिड्डों का दल हिंदुस्तान की ओर रुख कर चुका है और बॉर्डर से लगे राज्यों और उनके आसपास के क्षेत्रों के किसानों की फसल पर इन टिड्डों के आतंक का खतरा मंडरा रहा है। कृषि जानकारों का कहना है कि टिड्डियों के दल में इनकी संख्या लाखों-करोड़ों में होती है जो देखते ही देखते फसल को सफाचट करने के साथ ही किसानों की पूरी मेहनत पर पानी फेर सकता है। पाकिस्तान से चल चुके इन टिड्डी दलों को लेकर अब कृषि विभाग ने भी एडवाइजरी जारी कर किसानों को चौकन्ना करने का काम शुरू कर दिया है और फसल पर टिड्डियों के हमले से बचाव के तरीके किसानों को बताने में कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जुट गए हैं। इस संबंध में उपकृषि निदेशक धुरेन्द्र कुमार ने बताया कि दो दिन पहले ही प्रमुख सचिव कृषि की ओर से एक आदेश मिला है जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान से टिड्डी दल निकल चुका है। उन्होंने बताया कि हमारे एडजॉइनिंग एरिया राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली से टच हैं तो ऐसे में संभावना है कि ये टिड्डी दल यहां भी आ जा सकते हैं। उपकृषि निदेशक ने बताया ये टिड्डी दल लाखों-करोड़ों की संख्या में आते हैं एक ही रात में सब फसल को चट कर जाते हैं। उपकृषि निदेशक ने बताया कि सबसे ज्यादा खतरा राजस्थान की सीमा से सटे जिले के गोवर्धन, नंदगांव, फरह और मथुरा में है। इससे बचाव के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है जो किसानों के साथ बैठक कर उन्हें बता रहे हैं कि यदि टिड्डी दल फसल पर हमला करता है तो ड्रम्प बीटिंग (हल्ला-शोर मचाए) करें। फसल के बचाव को दवाओं का छिड़काव करें। टिड्डियों से बचाव को क्लोरोपाइरी फॉस और एफएनवेलरिट की उपलब्धता इफको सेंटर और प्राइवेट सेंटर पर सुनश्चित कर दी गई है।