
(फोटो सोर्स- 'X' Vrindavan Mathura वीडियो ग्रै
Saint Premanand Maharaj see horror of flood संत प्रेमानंद महाराज बाढ़ की विशेषता को देखने के लिए अपने शिष्यों के साथ निकले इस दौरान उन्होंने स्टीमर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों को खाद्य सामग्री का वितरण किया। पीने का पानी भी उपलब्ध कराया। वृंदावन में यमुना का विराट स्वरूप लोगों को डरा रहा है। आधे से ज्यादा इलाकों में यमुना का पानी पहुंच चुका है। कहीं-कहीं तो पहली मंजिल को छोड़ लोगों को दूसरी मंजिल में रहना पड़ रहा है। बाढ़ की विभीषिका से संत प्रेमानंद महाराज उदास दिखाई पड़े।
संत प्रेमानंद महाराज ने सोमवार की शाम को केली कुंज आश्रम से अपने शिष्यों के साथ निकले। यात्रा का प्रारंभ वराह घाट से किया। सौभरि वन इलाकों में भी पानी भर गया है। चारों तरफ पानी पानी नजर आ रहा था। जिससे संत प्रेमानंद महाराज की चिर-परिचित मुस्कान गायब हो गई। स्टीमर में उनके साथ शिष्य भी मौजूद थे। उन्होंने अलग-अलग इलाकों में जाकर प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुंचाई। इस दौरान रास्ते इक्का-दुक्का लोग मौजूद थे।
वृंदावन में यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण कई इलाकों में पानी भर गया है। काफी लोग बेघर हो गए हैं। लेकिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ही कुछ लोग घर छोड़ने को तैयार नहीं हुए और बाढ़ के पानी के बीच रह रहे हैं। स्टीमर से यात्रा के दौरान उन्होंने साथ चल रहे शिष्यों से भी थोड़ी बहुत बातचीत की। इस दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को खाद्य-पदार्थों का वितरण किया गया। पीने का पानी भी दिया गया।
Updated on:
9 Sep 2025, 10:55 AM IST
Published on:
9 Sep 2025, 10:53 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.