
मथुरा। पहली बार बने मथुरा वृन्दावन नगर निगम में इस बार सभी प्रमुख पार्टियों की प्रतिष्ठा दांव पर है। भारतीय जनता पार्टी जहां अपनी केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के काम के जरिये मेयर पद पर काबिज होना चाहती है तो विपक्षी केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों को जन विरोधी नीतियां बता कर जनता के बीच जा रहे हैं। इन दावों के बीच हम आपको बता रहे हैं प्रत्याशियों की प्रोफाइल।
भाजपा प्रत्याशी, डॉ मुकेश आर्य बंधू
बात करें भाजपा प्रत्याशी डॉ मुकेश आर्य बंधू की तो वह जाति से वाल्मीक हैं और स्नातक तक पढ़ाई करने के आरएमपी चिकित्सक हैं। मुकेश आर्य बंधू आरएसएस की विचारधारा के हैं। वह भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिला अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
कांग्रेस प्रत्याशी, मोहन सिंह
वहीं कांग्रेस प्रत्याशी मोहन सिंह पोस्ट ग्रेजुएट हैं। दलित समाज से आने वाले मोहन सिंह सहायक श्रम आयुक्त के पद से नवंबर 2013 में नॉएडा से रिटायर्ड हुए थे। इसके बाद मोहन सिंह ने 2015 में बसपा ज्वाइन की और 2017 के विधानसभा चुनाव में अलीगढ़ की कोल विधानसभा से बसपा की तरफ से प्रभारी भी रहे। मोहन सिंह भले ही आज कांग्रेस से मेयर पद के प्रत्याशी हों लेकिन वह बसपा की विचारधारा से आज भी प्रभावित हैं। कांग्रेस उन्होंने मेयर पद का चुनाव लड़ने से पहले ही ज्वाइन की है।
बसपा प्रत्याशी, गोवर्धन सिंह
बसपा प्रत्याशी गोवर्धन सिंह भी मथुरा वृन्दावन नगर निगम चुनाव में मेयर पद के लिए अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। 40 साल के गोवर्धन सिंह ने स्नातक शिक्षा ग्रहण की है और वह दो बार बसपा के मथुरा में जिलाध्यक्ष भी रहे हैं।
समाजवादी पार्टी प्रत्याशी, श्याम मुरारी चौहान
उधर मथुरा में अपना जनाधार तलाश रही समाजवादी पार्टी इस बार मेयर पद पर श्याम मुरारी चौहान के जरिये यहां अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश कर रही है। बीकॉम तक पढ़े श्याम मुरारी ने 1983 से ही राजनीति की शुरुआत कर दी। श्याम मुरारी चौहान ने कांग्रेस ज्वाइन की और फिर 1992 में समाजवादी पार्टी की सदस्य्ता ले कर सपा की राजनीति शुरू कर दी।
Published on:
24 Nov 2017 10:42 am
बड़ी खबरें
View Allमथुरा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
