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इस मान्यता के चलते पथवारी देवी मंदिर में उमड़ती है भक्तों की भीड़

शक्तिपीठों के दर्शन से पहले माँ पथवारी देवी के दर्शन करने होते है जरूरी

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navratri mathura

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मथुरा। कृष्ण नगरी मथुरा में माँ पथवारी देवी का प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर के बारे में धार्मिक मान्यता है कि यहाँ भक्त को किसी भी शक्तिपीठ के दर्शन करने से पहले हाजिरी लगाना जरूरी होता है। जिसके चलते मथुरा में पथवारी देवी मंदिर का विशेष धार्मिक महत्तव है। यहां पर दूद दूर से आते है भक्तगण।

ये है मान्यता

सनातन धर्म में देवी पूजा का विशेष धार्मिक महत्तव माना गया है। इसीलिए सभी देवीभक्त हमारे देश में स्थित 51 शक्तिपीठों के दर्शन कर अपने जीवन को सफल बनाने की कामना करते हैं। शक्तिपीठ के दर्शनों से पहले माँ पथवारी देवी के दर्शन करने की भी धार्मिक मान्यता है। और माँ पथवारी ही भक्त के शक्तिपीठ के दर्शनों की यात्रा को सफल बनाती है। इस यात्रा को प्रचलित भाषा में 'जात' कहा जाता है और इसी जात से पहले सभी जगह माँ पथवारी देवी के दर्शनों का चलन है। कृष्ण नगरी मथुरा में वृन्दावन रोड पर माँ पथवारी देवी का एक ऐसा ही मंदिर स्थित है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि ये आदिकाल में बना बेहद प्राचीन मंदिर है। माँ पथवारी के नाम से ही उसके धार्मिक महत्त्व का बखान होता है, पथवारी शब्द का मतलब ही पथ पर जाने वालों की रक्षा करना है। मथुरा में स्थित माँ पथवारी देवी के इस प्राचीन मंदिर के बारे में मशहूर है कि सैकड़ों साल पहले माँ दुर्गा के अनन्य भक्त राजा रूपचंद ने जब माँ से अपना कोई चमत्कार दिखाने को कहा तो माँ ने उसी समय उसे एक छोटी बच्ची के रूप में दर्शन दिए ।

ये वचन दिया था

माँ के इस चमत्कार को देखकर भूलवश राजा के मुख से कुछ गलत शब्द निकलने से माँ ने राजा को श्राप देकर पत्थर का बना दिया। उसके बाद जब रानी अपने राजा को ढूँढते हुये वहां पहुंची तो उसने राजा के इस रूप को देखकर माँ दुर्गा से राजा को श्रापमुक्त करने को कहा रानी के विलाप को देखकर माँ का दिल पसीज गया। तब उन्होंने रानी से कहा कि मैं राजा को अपने दिए हुये श्राप से मुक्त नहीं कर सकती हूँ, लेकिन मैं तुम्हे भी पत्थर का बना कर तुम्हारे दुःख को कम जरूर कर सकती हूँ। साथ ही ये वचन भी देती हूँ कि जब भी कोई भक्त मेरे दर्शनों के लिए आयेगा, उसे पहले तुम्हारे दर्शन करने होंगे और सभी तुम्हे पथवारी देवी के नाम से जानेंगे।

IMAGE CREDIT: patrika

भक्तों का लगा रहता है ताता

पथवारी मंदिर के सेवायत पुजारी पं0 राजेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि आज भी भक्त उसी धार्मिक मान्यता के चलते माँ दुर्गा की शक्तिपीठ के दर्शनों से पहले इस पथवारी देवी मंदिर के दर्शन करने आते है और हर रोज ही यहाँ देवी भक्तों का माँ पथवारी के दर्शनों के लिए ताँता लगा रहता है ।