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जापान के पूर्व पीएम शिंजो आबे की शोक सभा के चलते श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद पर सुनवाई टली

Shri Krishna Janmabhoomi dispute : श्रीकृष्ण जन्मभूमि और ईदगाह विवाद को लेकर सोमवार को होने वाली सुनवाई को अब 18 जुलाई को होगी। जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या के चलते बार एसोसिएशन की तरफ से शोक सभा के चलते सुनवाई को टाला गया है।

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मथुरा

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lokesh verma

Jul 11, 2022

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मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और ईदगाह विवाद मामले पर सोमवार को होने वाली सुनवाई को टाल दिया गया है। पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह की तरफ से सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में अर्जी लगाई थी कि जन्मभूमि की 13.37 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण है, जिस पर सोमवार को ईदगाह कमेटी की ओर से आपत्ति दाखिल की जानी थी। लेकिन, जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या के चलते बार एसोसिएशन की तरफ से शोक सभा का आयोजन किया गया था। इसलिए कोर्ट ने सुनवाई को टालते हुए सुनवाई के लिए अगली तारीख 18 जुलाई मुकर्रर की है। उसी दिन यह तय किया जाएगा कि 13.37 एकड़ भूमि से अतिक्रमण हटेगा या नहीं?

बता दें कि इससे पहले 7 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनी थी। श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पक्षकार अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा था कि मुस्लिम पक्ष 7 रूल 11 सीपीसी के बहाने केस को लटका रहा है। पूर्व में श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद से संबंधित एक अन्य दावा अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री समेत कई कृष्ण भक्तों ने दाखिल किया था। उसके रिवीजन को स्वीकार करते हुए अदालत ने कहा था कि यहां प्लेसेस ऑफ़ वरशिप एक्ट और लिमिटेशन एक्ट लागू नहीं होता। इसलिए भक्त को भगवान की प्रॉपर्टी के लिए दावा दायर करने का अधिकार है।

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जिला अदालत के आदेश की कॉपी सिविल कोर्ट और प्रतिवादियों को सौंपी

कोर्ट में हिन्दू पक्ष ने श्री कृष्ण जन्मभूमि से संबंधित राजस्व दस्तावेज और जिला अदालत के आदेश की कॉपी मांगी थी। कोर्ट ने कहा था कि जिला अदालत के आदेश की कॉपी एक कोर्ट में और दूसरी प्रति वादियों को दी जाए। अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने राजस्व अभिलेख और अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री के दावे के रिवीजन में जिला अदालत के आदेश की कॉपी सिविल कोर्ट और प्रतिवादियों को दे दी है।

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गर्भगृह तोड़कर कराया था ईदगाह का निर्माण

हिंदू पक्ष का कहना था कि जल्द विवादित स्थल की वास्तविक स्थिति जानने के लिए वहां कोर्ट कमीशन भेजकर रिपोर्ट मगाई जाए। सभी दस्तावेज हिंदुओं के पक्ष में हैं और श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट जमीन का असली मालिक हैं। भगवान श्रीकृष्ण के मूल गर्भगृह को तोड़कर औरंगजेब द्वारा अवैध रूप से यहां पर ईदगाह का निर्माण कराया गया था। मुस्लिम के पक्ष के पास कोई भी दस्तावेज नहीं है। मुगल काल से लेकर अब तक के सभी दस्तावेज यह साबित करते हैं कि यह जमीन हिंदू पक्ष की है।