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श्री कृष्ण जन्माष्टमी: मथुरा, वृन्दावन में राधे राधे.. अयोध्या में भगवान श्रीराम भी कर रहे ‘कान्हा’ का इंतज़ार

दुनियाभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का महोत्सव मनाया जा रहा है. कृष्ण पक्ष में रात के आठवें मुहूर्त में भगवान स्वरुप में जन्म लिया था, इसलिए रात 12.05 के बाद 12:45 बजे तक जन्मोत्सव को पर्व की भांति मनाया जाता है. मथुरा, वृंदावन, द्वारका, नाथद्वार स्थलों पर इस भक्तिमय वातावरण में भगवन के दर्शन करने को सभी लालायित हैं। इस्कॉन मंदिरों में भी श्रीकृष्ण जन्म पर्व को भव्य रूप में मनाया जाएगा। चाहे वो वैष्णव अनुयाई हों अथवा शैव अनुयाई सभी लोग अपने घरों में भी इस समय कृष्ण जन्मोत्सव मनाएंगे। वहीं अयोध्या में भगवान राम स्वरुप बनकर 'भक्ति में मगन बच्चे' और सभी भक्त भी श्रीकृष्ण जन्म होने का इंतज़ार कर रहे हैं. श्रीराम जन्मभूमि में भी श्यामल स्वरुप के दर्शन को सभी उत्सुक हैं.

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Shri Krishna Janmashtami in Vrindavan mathura ayodhya

Shri Krishna Janmashtami in Vrindavan mathura ayodhya

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी में आधी रात के मुहूर्त के साथ ही पूजा के लिए दिनभर में कुल पांच मुहूर्त रहेंगे। इस बार त्योहार पर आठ बड़े शुभ योग भी बन रहे हैं। ऐसा पिछले 400 सालों में नहीं हुआ था, इसलिए ये जन्माष्टमी पर्व बहुत खास है। मथुरा, वृन्दावन मंदिरों में सजावट और सुंदरता भी देखते ही बनती है.

मथुरा के केशव देव मंदिर में दुग्धाभिषेक से शुरू हुया 'अजन्मे का जन्म उत्सव

मथुरा के भगवान केशव देव मंदिर अजन्मे के जन्म उत्सव सुबह से ही बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। मंदिर में केशव देव भगवान महाअभिषेक भी किया गया। दूध, दही, शहद, बूरा, गाय के घी से भगवान का महाअभिषेक किया गया। इस दौरान सैकड़ों लोग उस पल के साक्षी बने और जमकर संगीतमय भजन की तान पर लोग थिरकते हुए दिखे।

भगवान कृष्ण जी का जन्म सप्तमी और अष्ठमी की मध्य रात्रि

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान कृष्ण जी का जन्म सप्तमी और अष्ठमी की मध्य रात्रि में होता है। वैसे मथुरा के सभी मंदिरों में शुक्रवार के दिन मनाया जाता है, लेकिन कटरा केशव देव मंदिर में गुरुवार की रात भगवान् के जन्म को मान लिया गया और उत्सव मनाया जा रहा है. भगवान केशव देव का महा अभिषेक रात्रि 10:00 बजे से लेकर रात्रि 11:00 बजे तक चला। मंदिर के सेवायत पुजारियों ने भगवान केशव देव का दूध, दही, शहद, बूरा और गाय के घी से महा अभिषेक किया। मंदिर में आए भक्त भजनों की तान पर जमकर थिरकते नजर आए।

श्रीराम की नगरी में भव्य श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की नगरी अयोध्या में भी कृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाए जाने की तैयारी पूरी हो चुकी है, गुरुवार से ही पूरे रामजन्मभूमि क्षेत्र को श्रीकृष्ण मय श्यामल रंग में किया गया है, इसके लिए ख़ास फूलों से मंदिर को सजाया गया है. श्रीराम जन्म भूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास कहते हैं कि, जन्मोत्सव भक्ति के साथ पूरे विधि विधान से मनाने की तैयारी है, जैसे भगवान राम का जन्म उत्सव मनाते हैं उसी प्रकार से उनके स्वरुप भगवान श्रीकृष्ण का जन्म उत्सव मनाएंगे.

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श्रीराम जन्म भूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास कहते हैं कि, भगवन राम और कृष्ण दोनों दिव्य स्वरुप हैं. अयोध्या में सभी मठ-मंदिरों में खास तैयारी की जा रही है. कई स्थानों पर भव्य पंडाल में आकर्षक झांकियां भी आज से ही निकल रही हैं. छोटे-छोटे बच्चों के लिए भगवान श्री राम ,कृष्ण की प्रतिमा व राम लिखे हुए कपड़े भी बाजारों में देखने को मिल रहे हैं. इसके साथ-साथ लड्डू गोपाल और श्री कृष्ण की छोटी-छोटी मूर्तियां, झूला मंदिरों की शोभा बढ़ा रहे हैं.