
फरसा वाले बाबा के बाद अब ट्रक ड्राइवर की मौत
Farsa Wale Baba Death Case Update: मथुरा में ईद के दिन बड़ा हंगामा हुआ। जहां एक तरफ त्योहार प्रेम और सद्भाव से मनाना था, वहीं सड़कों पर पत्थर और डंडे चले। इसका कारण था प्रसिद्ध गौरक्षक चंद्रशेखर सिंह उर्फ फरसा बाबा की मौत।
चंद्रशेखर सिंह, जिन्हें लोग फरसा बाबा कहते थे, मथुरा के बरसाना इलाके के गांव आजनौख में रहते थे। उनकी उम्र करीब 45-55 साल बताई जाती है। वे गोशाला चलाते थे और गौ-रक्षा के लिए जानी-मानी टीम "फरसा वाली टीम" बनाए रखते थे। वे हमेशा 15 किलो का फरसा (कुल्हाड़ी जैसा हथियार) साथ रखते थे। गौ-तस्करी रोकने के लिए वे सक्रिय रहते थे और इलाके में काफी प्रसिद्ध थे। उनका नारा था - "गोमाता न बचा सके, सब कुछ बेकार"।
21 मार्च 2026 की सुबह करीब 4-5 बजे, ईद के दिन, मथुरा के कोसीकलां इलाके के नवीपुर गांव के पास दिल्ली-आगरा हाईवे पर हादसा हुआ। बाबा गौ-तस्करी के शक में एक ट्रक या कंटेनर का पीछा कर रहे थे। घने कोहरे में तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। ट्रक ड्राइवर भी गंभीर रूप से घायल हुआ और बाद में अस्पताल में उसकी भी मौत हो गई। पुलिस ने कहा कि यह सड़क हादसा था, कोहरे की वजह से दो वाहनों की टक्कर हुई। साथियों का दावा है कि गोतस्करों ने जानबूझकर हत्या की।
खबर फैलते ही गुस्साए लोग सड़कों पर उतर आए। उन्होंने दिल्ली-आगरा हाईवे जाम कर दिया। पुलिस पर पत्थरबाजी हुई, वाहनों में तोड़फोड़ हुई। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और भीड़ को काबू किया। कई पुलिसकर्मी घायल हुए। अंतिम संस्कार के बाद भी हंगामा बढ़ा। पुलिस ने 13-20 लोगों को गिरफ्तार किया और 250-300 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया। अफवाहों से हालात बिगड़े।
समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने यूपी की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि फरसा बाबा की मौत ट्रक से हुई, लेकिन ऐसी खबरें हैं कि उन्हें धक्का देकर कुचला गया। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही प्रदेश में बढ़ते अपराधों का जिक्र किया - सुल्तानपुर में घर में घुसकर मारपीट, गोरखपुर में पूर्व पार्षद की गोली मारकर हत्या, वाराणसी में छात्र की निर्मम हत्या। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और कानून का डर नहीं है।
Updated on:
23 Mar 2026 07:31 am
Published on:
23 Mar 2026 07:31 am
