20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राष्ट्रपति की सुरक्षा में गुलेल तानकर खड़े रहे पुलिसकर्मी

राष्ट्रपति के मथुरा दौरे के दौरान बंदरों से सुरक्षा के लिए वृंदावन में लंगूरों के साथ पुलिसकर्मियों को गुलेल के साथ तैनात किया गया।

less than 1 minute read
Google source verification
up police

up police

मथुरा। मथुरा में बंदरों का आतंक किस हद तक है, इसका ताजा उदाहरण एक बार फिर वृंदावन में देखने को मिला। गुरुवार को यहां राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आए हुए थे। बंदरों से उनकी सुरक्षा के लिए प्रशासन को पुलिसकर्मियों और लंगूरों को तैनात करना पड़ा। राष्ट्रपति की सुरक्षा में पुलिसकर्मी गुलेल ताने हुए नजर आए।

दरअसल गुरुवार को महामहिम वृंदावन में रामकृष्‍ण आश्रम में नए ब्‍लॉक के लोकार्पण करने आए थे। उनके साथ इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन भी मौजूद थीं। रामकृष्‍ण आश्रम में लोकार्पण के बाद राज्यपाल बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के लिए गए। इस दौरान जब राष्‍ट्रपति कार्यक्रम स्‍थल पर थे तो बंदर ऊपर उछलकूद मचा रहे थे। बंदर कहीं कार्यक्रम में दिक्कत न पैदा कर दें, इसके लिए कार्यक्रम में खलल न पड़ जाए, इसके लिए कुछ पुलिसकर्मियों को गुलेल के साथ तैनात किया गया। ये पुलिसकर्मी बंदरों को गुलेल मारकर भगाते रहे।

यह भी पढ़ें: पहली बार मां बन रही महिलाओं को 5000 रुपए दे रही सरकार

हेमा मालिनी का चश्मा ले जा चुके हैं बंदर
बता दें कि मथुरा वृंदावन में बंदरों के कारण आए दिन श्रद्धालुओं को परेशानी झेलनी पड़ती है। बंदर श्रद्धालुओं का चश्मा, पर्स, मोबाइल आदि कीमती सामान छीन लेते हैं। कई बार बंदर श्रद्धालुओं को घायल भी कर चुके हैं। यहां तक कि मथुरा सांसद हेमा मालिनी का भी चश्मा बंदर ले जा चुके हैं। हाल ही मथुरा सांसद हेमा मालिनी ने ब्रज के बंदरों का मामला संसद में उठाया था। उस दौरान उन्होंने बंदरों द्वारा उनका चश्मा उतारकर ले जाने का भी जिक्र किया था।