
विधवा होली का आयोजन सामाजिक संस्था सुलभ इंटरनेशनल ने कराया। यहां माताओं ने सदियों पुरानी रूढ़िवादी परंपरा को दरकिनार करते हुए प्राचीन गोपीनाथ मंदिर में होली का आनंद उठाया। माताओं ने होली के गीत गाए और एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की बधाई दी।
महिला गीता दासी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "आज फूलों और गुलाल के साथ गोपीनाथ मंदिर में होली खेली गई। इस अवसर पर सैकड़ों महिलाएं मौजूद रहीं और उन्होंने भी होली का जमकर लुत्फ उठाया।"
रतनिया दासी ने कहा कि होली के पर्व में जो आनंद है, वो किसी में नहीं है। आज हमने यहां गुलाल और फूलों के साथ होली का आनंद लिया। सामाजिक संस्था सुलभ इंटरनेशनल पिछले कई सालों से इस होली का आयोजन कर रही है। यहां होली पर काफी मजा आता है।
सामाजिक संस्था सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक डॉ. बिंदेश्वर पाठक ने साल 2013 में वृंदावन की विधवाओं को होली मनाने के लिए प्रेरित किया था। इसी के चलते यहां हर साल फूलों और गुलाल के साथ होली खेली जाती है। बुधवार सुबह से ही नगर के विभिन्न आश्रय सदनों में निवासरत सैकड़ों विधवा माताएं और निराश्रित महिलाएं प्राचीन गोपीनाथ मंदिर में इकट्ठा होने लगीं और होली के लिए विभिन्न फूलों की पंखुड़ियां तैयार कीं। होली के रसिया एवं भजनों की धुन के मध्य नृत्य करते हुए माताओं ने भगवान श्रीराधाकृष्ण के साथ होली का त्योहार धूमधाम के साथ मनाया।
दिल्ली से आई श्रद्धालु पायल ने बताया कि मैं गोपीनाथ मंदिर में होली खेलने के लिए आई हूं। यहां आकर ऐसा लग रहा है कि जैसे साक्षात भगवान गोपीनाथ भक्तों के साथ मिलकर होली खेल रहे हैं। मुझे यहां माताओं के साथ होली खेलकर काफी आनंद आया है।
Updated on:
12 Mar 2025 03:21 pm
Published on:
12 Mar 2025 03:21 pm
