
फर्जी लाइसेंस के अलावा डबल मर्डर में भी आरोपी है मुख्तार अंसारी
मऊ के पूर्व विधायक और माफिया नेता मुख्तार अंसारी फर्जी हथियार लाइसेंस बांटने के मामले में बुरी तरह फंस गए है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनके ऊपर आरोप तय कर दिए हैं। आज इस कोर्ट में मामले की सुनवाई में मुख्तार वीडियो कॉन्फरेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। इस मामले में मुख्तार सहित सभी दोषियों पर आरोप तय हो चुके हैं।
गुरूवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन एमपी/एमएलए मजिस्ट्रेट श्वेता चौधरी की अदालत में फर्जी हथियार लाइसेंस मामले की सुनवाई हुई। फिलहाल बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसरी की कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी हुई।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने मुख्तार अंसारी सहित सारे आरोपियों पर फर्जी हथियार लाइसेंस मामले में आरोप तय किए। अब इस मामले में आगे गवाहों की पेशी होगी जिसके बाद गवाही पर बहस होगी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी।
आखिर क्या है पूरा मामला ?
मुख्तार अंसारी पर आरोप है कि उन्होंने विधायक रहते हुए अपने पद का दुरूपयोग किया और अपने लेटर पैड से हथियार लाइसेंस देने की सिफारिश की। हालांकि जांच के दौरान यह बात सामने आई कि ये सारे पते फर्जी है। दक्षिण टोला थाने में इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।
डबल मर्डर केस की सुनवाई 16 नवंबर को
एमपी/एमएलए स्पेशल कोर्ट के जज जस्टिस दिनेश चौरसिया की अदालत में राम सिंह मौर्य डबल मर्डर केस में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मामले में सुनवाई हुई। इस मामले में आरोपी मुख्तार अंसारी की वीडियो कांफ्रेंसिंग से बांदा जेल से पेशी हुई।
मामले की अगली सुनवाई 16 नवम्बर को निर्धारित की गई है। बता दें कि दक्षिण टोला थाना क्षेत्र में राम सिंह मौर्य डबल मर्डर केस में मुख्तार अंसारी सहित दर्जन भर आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है।
Published on:
11 Nov 2022 08:25 pm
बड़ी खबरें
View Allमऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
