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Ghosi News: संसद में सबसे ज्यादा सवाल पूछने वाले घोसी के सांसद बने राजीव राय

महीने के कार्यकाल में राजीव राय संसद में सबसे ज्यादा सवाल पूछने वाले सांसद बन गए हैं। अपने कैंप कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने तीन महीने के संसदीय कार्यकाल में अपने क्षेत्र की समस्याओं से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर 18 सवाल पूछे हैं।

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मऊ

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Abhishek Singh

Oct 16, 2024

अपने तीन महीने के कार्यकाल में राजीव राय संसद में सबसे ज्यादा सवाल पूछने वाले सांसद बन गए हैं। अपने कैंप कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने तीन महीने के संसदीय कार्यकाल में अपने क्षेत्र की समस्याओं से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर 18 सवाल पूछे हैं। उन्होंने बताया की उन्होंने अब तक सहारा में डूबे पैसे की वापसी, फूड प्रोसेसिंग सिस्टम के लिए लघु सूचना सूचना एवं मध्यम उद्योग से सवाल पूछा हूं,साथ ही वोकेशनल एवं टेक्निकल इंस्टीट्यूशन के लिए मऊ में क्या हो सकता है? सैनिक कल्याण के लिए तथा कृषि एवं पेयजल से संबंधित सवाल पूछा है।

साथ ही रेलवे समूह में भर्तियों पर सवाल पूछा है। अल्पसंख्यक कल्याण योजना के अंतर्गत अल्पसंख्यकों के कल्याण से संबंधित सवाल एवं हेल्थ सेक्टर में आयुष मंत्रालय से सवाल पूछा है। मिड डे मील, सरकारी आवास जो बनते हैं उसके विषय में सवाल किया है ,एकलव्य विद्यालय के बारे में सवाल किया गया, मेरे सारे सवाल आमजन जनजीवन को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है।

इस संबंध में बताते हुए मुझे प्रसन्नता हो रही है और मऊ जनपद वासियों को भी हर्ष होगा कि पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी में शिक्षा महिला एवं बाल कल्याण खेल एवं युवा जैसे बड़े मंत्रालय में रखा गया है। वहां भी पहली मीटिंग में मैं केंद्र सरकार से सवाल किया कि केंद्रीय विद्यालय आखिर कब बनेंगे? आबादी बढ़ती गई लेकिन केंद्रीय विद्यालयों की संख्या वहीं रह गई। हमने मांग की है कि केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाई जाए नवोदय विद्यालयों की संख्या बढ़ाई जाए, प्राइमरी शिक्षा को जो मजबूत करने की बात करते हैं वह दिन भर मोबाइल के माध्यम से अध्यापकों को काम दिया जाता है कुछ लोग ऐसे हैं जब उनकी जॉइनिंग हुई थी तो उसे समय मोबाइल नहीं थी जिससे उनका काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शिक्षक से ही जनगणना कराएंगें, मतगणना कराएंगे मैं सरकार से पूछना चाहता हूं कि आखिर पढ़ाई कब कराएंगे? प्राइमरी शिक्षा को भी सुदृढ़ करने के लिए हमारी पूरी कोशिश रहेगी मेरी अभी प्राथमिकता रहेगी कि मऊ में और केंद्रीय विद्यालय लेकर आऊं, जिन ब्लॉकों में कस्तूरबा विद्यालय नहीं है उन ब्लॉकों में भी कस्तूरबा विद्यालय खोलने के लिए प्रस्ताव दिया जाएगा। इस प्रकार देखा जाए तो मैंने अपने 3 महीने के कार्यकाल में बहुत सारी योजनाओं के लिए न सिर्फ प्रस्ताव भेजा है बल्कि उनका क्रियान्वयन करने के लिए भी प्रयासरत हूं।