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Mau News: 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में शिक्षकों ने भरी हुंकार

शिक्षक संघ के सदस्यों ने आज जिला कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। उनकी मुख्य मांग है कि 29 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त प्राथमिक शिक्षक सेवा में बने रहने और पदोन्नति के लिए टीईटी (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए।

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मऊ

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Abhishek Singh

Sep 16, 2025

Mau teacher

मऊ में शिक्षकों का धरना, Pc: Patrika

Mau News: उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के सदस्यों ने आज जिला कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। उनकी मुख्य मांग है कि 29 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त प्राथमिक शिक्षक सेवा में बने रहने और पदोन्नति के लिए टीईटी (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए।

शिक्षक नेताओ ने रखी अपनी अपनी बात

प्रदर्शन में शामिल शिक्षक संघ के नेताओं का कहना था कि यह मामला ‘निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009’ से जुड़ा है, जो 27 अगस्त 2009 को भारत के राजपत्र संख्या 39 के माध्यम से लागू किया गया था। अधिनियम की धारा 23 के अनुसार केवल न्यूनतम योग्यता प्राप्त व्यक्ति ही शिक्षक बन सकते हैं। इसके साथ ही यदि किसी राज्य में योग्य शिक्षकों की कमी होती है, तो केंद्र सरकार पांच वर्ष की अवधि के लिए छूट भी प्रदान कर सकती है। इसके बाद शिक्षकों को निर्धारित योग्यता पूरी करनी होगी।

शिक्षक संघ ने बताया कि 25 अगस्त 2010 को जारी राजपत्र संख्या 215 में कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षकों की नियुक्ति हेतु न्यूनतम योग्यता निर्धारित की गई थी। संघ का स्पष्ट है कि यह नियम केवल नए नियुक्त होने वाले शिक्षकों पर ही लागू होना चाहिए, न कि पहले से कार्यरत शिक्षकों पर।

संसद तक आवाज उठाने की बात कही

प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने अपने आक्रोश का इजहार करते हुए कहा, “हम संसद तक मिलकर शिक्षकों की आवाज बुलंद करेंगे। जब तक यह काला कानून वापस नहीं लिया जाएगा, हम शांत नहीं बैठेंगे। हम सब पढ़े-लिखे शिक्षक हैं, समाज और देश के संरक्षक हैं। कानून के दायरे में रहकर अंतिम सांस तक यह लड़ाई जारी रखेंगे और सफलता अवश्य प्राप्त करेंगे।”

जिलाधिकारी ने प्रदर्शनकारियों का ज्ञापन प्राप्त कर इसे उच्च स्तर पर पहुंचाने का आश्वासन दिया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हुआ।