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कुख्यात सुनील राठी को इस मामले में मिली 10 साल की सजा, 8 साल बाद आया फैसला

वर्ष 2010 में रुड़की कोतवाली में दर्ज हुआ था गैंगस्टर एक्ट के तहत केस। सजा के साथ ही लगा 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड।  
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मेरठ

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Rahul Chauhan

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Updated: 31 Oct 2018, 2:58 PM IST

बागपत। पूर्वांचल के कुख्यात माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद सुर्खियों में आए बागपत के कुख्यात अपराधी सुनील राठी को हरिद्वार न्यायालय ने 10 साल के कठोर कारावास के साथ ही 20 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। सुनील राठी को यह सजा संगठित गिरोह बनाकर अपराध करने के मामले में दी गई है। सुनील राठी पर 2010 में रुड़की कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी ने उसके खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें यह सजा सुनाई गई है।

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आपको बता दे कि बागपत जनपद के कुख्यात अपराधी सुनील राठी पर बागपत में ही नहीं कई अन्य राज्यों में भी मुकदमे दर्ज हैं। सुनील राठी गैंग बनाकर कई राज्यों में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता था। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अपराध जगत में सुनील राठी उस समय चर्चा में आ गया था, जब बागपत जेल में बंद माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी को उसने गोलियों से भून कर मौत के घाट उतार दिया था। जिसके बाद अपराध की दुनिया में सुनील राठी का नाम और चर्चित हो गया। सुनील राठी पर हत्या सहित कई अपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें एक मामला 2010 में रुड़की कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह भंडारी ने सुनील राठी सहित कई अन्य बदमाशों पर दर्ज कराया था। यह बदमाश ग्रुप बनाकर संगठित अपराध करते थे। इसलिए मामला गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज हुआ था।

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गैंगस्टर के मामले में 30 अक्टूबर को हरिद्वार न्यायालय में सुनवाई हुई। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट चतुर्थ अपर सत्र न्यायधीश वरुण कुमार ने सुनील राठी व उसके दो अन्य साथियों प्रवीण वाल्मीकि और मांगा त्यागी को दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 20-20 हजार का अर्थदंड लगाते हुए चार अन्य आरोपियों को दोष मुक्त किया है। बता दे कि सुनील राठी ने उत्तराखंड में भी रुड़की के डिप्टी जेलर नरेंद्र थापा को सितंबर 2012 में गोली मारकर कुख्यात सुनील ने हत्या कर दी थी।

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डिप्टी जेलर हत्याकांड से पहले उत्तराखंड के कुख्यात और रुड़की निवासी चीनू पंडित और सुनील राठी दोनों साथ मिलकर गैंग चलाते थे। लेकिन अचानक बात बिगड़ गई और 5 अगस्त 2014 को रुड़की जेल में ही दोनों के बीच गैंगवार भी हई थी। जिसमें कुख्यात चीनू पंडित के 3 गुर्गे भी मारे गए थे और 8 घायल हुए थे। जिसके बाद से सुनील राठी अपराध की दुनिया में बढ़ता ही चला गया और 2018 में बागपत जेल में पहुंचे पूर्वांचल के कुख्यात डॉन मुन्ना बजरंगी को भी मौत के घाट उतार कर अपराध की दुनिया में अपना रुतबा और भी ऊंचा कर लिया सुनील राठी इस समय फतेहपुर जेल में बंद है लेकिन हाल ही में उसको दिल्ली की तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया गया है। और सुनील राठी दिल्ली जेल में ही कैद है।

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