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डंडा छोड़ पॉपकॉर्न थामेंगे दरोगा, SSP संग देखेंगे ‘धुरंधर-2’, पूरी सिनेमा हॉल हुई बुक

मेरठ के SSP अविनाश पांडे ने 498 दरोगाओं के लिए ‘धुरंधर-2’ की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की।

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मेरठ

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Anuj Singh

Mar 26, 2026

SSP संग ‘धुरंधर-2’ का स्पेशल शो

Dhurandhar The Revenge : मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडे ने एक अनोखा कार्यक्रम आयोजित किया है। वे यूपी पुलिस के लगभग 498 दरोगाओं के साथ आदित्य धर की नई फिल्म धुरंधर-2 देखने जा रहे हैं। इसके लिए दिल्ली रोड स्थित शॉप्रिक्स मॉल के वेव सिनेमा घर में दो हॉल पूरी तरह बुक कर लिए गए हैं। सभी पुलिसकर्मी सरकारी वाहनों से मल्टीप्लेक्स पहुंचेंगे। SSP अविनाश पांडे और एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह भी इस शो में शामिल होंगे।

फिल्म दिखाने का उद्देश्य

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस फिल्म को दरोगाओं को इसलिए दिखाया जा रहा है ताकि वे अपनी जिम्मेदारी, कर्तव्य और समाज में पुलिस की भूमिका को बेहतर तरीके से समझ सकें। फिल्म देखने से पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ेगा और वे अपने काम को और गर्व के साथ करेंगे। अफसरों का मानना है कि हर पुलिसकर्मी को यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए। इससे उन्हें प्रेरणा मिलेगी और वे अपराधियों से लड़ने में ज्यादा मजबूत बनेंगे।

यूपी पुलिस से फिल्म का गहरा कनेक्शन

धुरंधर-2 फिल्म का यूपी पुलिस से खास रिश्ता है। फिल्म में प्रयागराज के कुख्यात माफिया अतीक अहमद जैसा एक किरदार दिखाया गया है, जिसका नाम आतिफ अहमद रखा गया है। इस किरदार के जरिए माफिया की गतिविधियों और पुलिस की कार्रवाई को दर्शाया गया है। इसके अलावा, फिल्म में यूपी के पूर्व डीजीपी का भी एक मजबूत रोल है। फिल्म यूपी पुलिस की ताकत, सख्ती और माफियाओं पर की गई कार्रवाई को एक्शन स्टाइल में पेश करती है। यही वजह है कि पुलिस इसे अपने कर्मचारियों को दिखाना चाहती है। फिल्म देखकर दरोगा अपनी ड्यूटी की अहमियत को और अच्छे से समझ पाएंगे।

सरकारी वाहनों से पहुंचेंगे मल्टीप्लेक्स

पूरी व्यवस्था बहुत अनुशासित तरीके से की गई है। मेरठ पुलिस लाइन से सभी 498 दरोगा सरकारी गाड़ियों में बैठकर शॉप्रिक्स मॉल पहुंचेंगे। वहां दिन के एक खास शो में केवल पुलिसकर्मी ही फिल्म का आनंद लेंगे। आम दर्शकों को इस शो में नहीं बिठाया जाएगा। SSP अविनाश पांडे खुद दरोगाओं के साथ सिनेमा हॉल में बैठकर फिल्म देखेंगे। यह कार्यक्रम पुलिस विभाग में एक नई मिसाल पेश कर रहा है। इससे पुलिसकर्मियों में आपसी जुड़ाव बढ़ेगा और वे एक टीम की तरह काम करेंगे।

यह कार्यक्रम क्यों खास है?

आजकल पुलिस अपनी इमेज सुधारने और कर्मचारियों को प्रेरित करने के नए-नए तरीके अपनाती है। मेरठ में यह फिल्म स्क्रीनिंग इसी दिशा में एक कदम है। फिल्म एंटरटेनमेंट के साथ-साथ मैसेज भी देती है कि पुलिस अपराध और माफिया के खिलाफ कितनी सख्त है। दरोगा अपनी रोजमर्रा की ड्यूटी में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में उनके लिए यह फिल्म देखना एक ब्रेक के साथ प्रेरणा का साधन बनेगा। SSP अविनाश पांडे का यह फैसला पुलिस विभाग में सकारात्मक चर्चा का विषय बन गया है।