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कूड़े के पहाड़ होंगे गायब, गीले कचरे से रोज़ बनेगी गैस, 20,000 घरों को मिलेगा फायदा

मेरठ में मल्टीफीड ग्रीन एनर्जी प्लांट के जरिए गीले कचरे से गैस बनाने की शुरुआत हुई है। यह प्लांट पूरी क्षमता पर रोज़ 40 टन गैस और 100 टन खाद तैयार करेगा।

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मेरठ

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Anuj Singh

Mar 24, 2026

मेरठ में शुरू हुआ ऐसा प्लांट जो बदल देगा शहर की किस्मत

मेरठ में शुरू हुआ ऐसा प्लांट जो बदल देगा शहर की किस्मत

Meerut News: मेरठ शहर में कूड़े की समस्या को हल करने के लिए एक महत्वपूर्ण काम शुरू हो गया है। मल्टीफीड ग्रीन एनर्जी प्लांट के जरिए गीले कचरे को उपयोगी गैस में बदला जा रहा है। जब यह प्लांट पूरी क्षमता से चलने लगेगा, तो शहर के कूड़े के बड़े-बड़े पहाड़ धीरे-धीरे खत्म हो सकते हैं। इससे शहर साफ-सुथरा बनेगा और पर्यावरण को भी फायदा पहुंचेगा।

गीले कचरे से बनेगी गैस

इस प्लांट में घरों से निकलने वाला गीला कचरा, सड़े फल-सब्जियां, गोबर और अन्य जैविक अपशिष्ट का इस्तेमाल किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्लांट पूरी क्षमता पर पहुंचने के बाद रोजाना 40 टन गैस का उत्पादन करेगा। यह गैस चार सीएनजी पंपों को भरने या लगभग 20 हजार घरों की एक दिन की रसोई गैस की जरूरत पूरी कर सकती है। गैस बनाने की प्रक्रिया में कचरे को बड़े डाइजेस्टर टैंकों में डाला जाता है, जहां बैक्टीरिया इसे तोड़ते हैं और मीथेन गैस तैयार होती है। इस तरह कचरा बर्बाद होने की बजाय ऊर्जा में बदल जाता है।

शहर से खत्म होंगे कूड़े के पहाड़

मेरठ में अभी कूड़े के ढेर शहर की सुंदरता बिगाड़ रहे हैं और स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर रहे हैं। अगर इस तरह के करीब 50 प्लांट शहर में लगाए जाएं, तो कूड़े के बड़े पहाड़ पूरी तरह समाप्त किए जा सकते हैं। यह प्लांट न सिर्फ कचरे को कम करेगा, बल्कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को भी मजबूत बनाएगा। लोग अगर घर का गीला कचरा अलग-अलग करके प्लांट तक पहुंचाएंगे, तो पूरा सिस्टम बेहतर काम करेगा।

खाद भी बनेगी, पर्यावरण को लाभ

गैस बनाने के बाद प्लांट से रोजाना लगभग 100 टन ऑर्गेनिक खाद निकलेगी। यह खाद खेतों में इस्तेमाल की जा सकती है, जिससे फसलें बेहतर उगेंगी और किसानों की आय बढ़ेगी। इसके अलावा, कचरे से निकलने वाली मीथेन गैस अगर खुले में जाती है तो वातावरण को गर्म करती है। लेकिन प्लांट में इसका इस्तेमाल होने से प्रदूषण बहुत कम हो जाता है। इस तरह यह प्रोजेक्ट पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ा योगदान देगा।

प्लांट की वर्तमान स्थिति

फिलहाल प्लांट में बड़े डाइजेस्टर में टेस्ट रन चल रहा है। अभी रोजाना करीब 12 टन गैस का उत्पादन हो रहा है। आने वाले समय में यहां कुल 12 डाइजेस्टर लगाए जाएंगे, जिससे उत्पादन क्षमता और बढ़ जाएगी। जब प्लांट पूरी तरह तैयार हो जाएगा, तो यह न सिर्फ ऊर्जा पैदा करेगा, बल्कि मेरठ शहर की तस्वीर ही बदल देगा। शहर साफ होगा, हवा बेहतर होगी और कूड़े की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।