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400 साल बाद आसमान में दिखा दुर्लभ नजारा

शनि और बृहस्पति के करीब हाेे से दिखा नाजारा 1623 में दिखा था ये दृष्य इसके बाद 2080 में आएंगे करीब राशियों पर पड़ेगा इस अदभुद मिलन का प्रभाव  

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मेरठ

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shivmani tyagi

Dec 21, 2020

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मेरठ ( Meerut ) वर्ष 2020 कई मायनों में सदियों तक याद किया जाता रहेगा। आने वाले दिनों में जहां ये कोरोना संक्रमण के कारण लोगों के जहन में रहेगा वहीं अन्य कई प्राकृतिक घटनाओं के कारण भी इसको याद किया जाएगा। ऐसी ही एक अदभुद घटना सोमवार काे करीब 400 साल बाद बृहस्पति ( Jupiter )और शनि ( shani ) के बहुत करीब आने से घटी। इस दौरान वह एक तारे की तरह दिखााई दिए। यह दुर्लभ नजारा 21 दिसंबर को आसमान ( orbit ) में देखा गया।

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भूगोलविद डॉक्टर कंचन सिंह के अनुसार दोनों ग्रहों को 1623 के बाद से कभी इतने करीब नहीं देखा गया था। उन्हाेने बताया कि 'जब दो खगोलीय पिंड पृथ्वी से एक-दूसरे के बहुत करीब नजर आते हैं तो इस घटनाक्रम को 'कंजक्शन' कहते हैं और शनि तथा बृहस्पति के इस तरह के मिलन को 'ग्रेट कंजक्शन' कहते हैं। इसके बाद ये दोनों ग्रह 15 मार्च, 2080 को पुन: इतने करीब होंगे। डॉक्टर कंचन सिंह ने बताया कि 21 दिसंबर को दोनों ग्रहों के बीच की दूरी करीब 73.5 करोड़ किलोमीटर हाे गई थी। यह भी बताया कि हर दिन ये दोनों एक-दूसरे के थोड़े करीब आते जाएंगे। भारत में अधिकतर शहरों में सूर्यास्त के पश्चात इस घटनाक्रम का दीदार किया गया।

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इस खगोलीय घटना का ज्योतिषीय शास्त्र में भी विशेष महत्व बताया जा रहा है। इस खगोलीय घटना का राशियों पर भी प्रभाव पड़ेगा। ज्योतिषाचार्या भारत ज्ञान भूषण के अनुसार जिन जातकों की कुंडली में शनि और गुरू निम्न स्थान पर बैठे हैं उन्हें अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।