
दुष्कर्म के बाद पंचायत ने सुनाया दोनों के निकाह का फैसला, इसके बाद पीड़िता की मुश्किलें इतनी बढ़ गर्इ...
मेरठ। तीन तलाक का कानून भले ही बन गया हो, लेकिन इसका असर लोगों पर नहीं दिख रहे हैं। तलाक के मामले लगातार आ रहे हैं। अब तो लोग सीधे पत्नी को तलाक देकर छोड़ दे रहे हैं और तलाक के दौरान दी जाने वाली मेहर की रकम देने से भी बच रहे हैं। ऐसा ही एक मामला थाना सरधना क्षेत्र का है। जहां शौहर ने पत्नी को तलाक दे दिया। पत्नी ने जब मेहर की रकम मांगी तो उसने जान से मारने की धमकी दी और दो बाद अपनी पत्नी को जान से मारने का प्रयास कर चुका है।
चार साल पहले किया था दुष्कर्म
नाबालिग लड़की से एक युवक ने दुष्कर्म किया था। दुष्कर्म की घटना को करीब चार साल हो चुके हैं। गांव में पंचायत बैठी और आरोपी पर पीड़िता से निकाह का दबाव डाला गया। आरोपी युवक ने थाना कोर्ट के भय से उस समय तो भरी पंचायत में दुष्कर्म पीड़िता से निकाह कर लिया, लेकिन चार साल बाद वही पति अब अपनी पत्नी से पीछा छुड़ाना चाह रहा है। पति ने तलाक दे दिया है और मेहर की रकम मांगने पर अपनी पत्नी के खून का प्यासा हो गया है। पति दूसरा निकाह करना चाह रहा है। इसलिए उसने अपनी पहली पत्नी को तलाक दे दिया है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपित को मेहर की रकम अदा नहीं करनी पड़े इसलिए वह उसकी हत्या करना चाहता है। बकौल पीड़ित युवती वह बिनोली रोड की एक बस्ती की निवासी परिवार के साथ चार वर्ष पूर्व र्इंट के भट्ठे पर मजदूरी करती थी। वहां बस्ती में रहने वाले युवक ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। उस समय वह नाबालिग थी। आरोपित पक्ष ने पंचायत बुलाकर पीड़िता का निकाह आरोपित से करा दिया।
कार्रवार्इ नहीं हुर्इ, अब एडीजी से शिकायत
निकाह में पांच लाख रुपये की मेहर तय की गई थी। आरोप है कि निकाह के बाद से ही पति, सास, ननद, जेठानी और देवर और जेठ उससे मारपीट कर दहेज नहीं लाने पर प्रताड़ित करने लगे। एक बार उसे जलाने और फांसी तक लगाने का प्रयास किया गया। आरोप है कि पति ने अब दूसरा निकाह कर लिया। पीड़िता ने बताया कि उसने पति व ससुराल वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया, मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़िता एडीजी प्रशांत कुमार से मिली। एडीजी ने पीड़िता को जांच कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
Published on:
01 Jul 2018 06:36 pm
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