प्रदेशभर के किसानों के लिए कृषि विभाग ने शुरू की नई योजना
मेरठ. हाईटेक युग में अब किसानों की समस्या भी हाईटेक तरीके से सुलझेगी। खेत की मेढ़ तक मोबाइल की पहुंच तो गुजरे जमाने की बात हो गई है, लेकिन अब अगर किसान की फसल खराब होती है तो उसके लिए किसान को कृषि विभाग के किसी अधिकारी या वैज्ञानिक का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब किसान की समस्या का समाधान वाट्सएप पर ही हो जाएगा। वाट्सएप किसान की फसलों में कीटों व रोगों से निजात दिलाने में मदद करेगा। कृषि विभाग ने इसके लिए अपना वाट्सएप नंबर जारी किया है। इस नंबर पर किसान जब अपनी समस्या या अपनी फसल के लिए दवाई पूछेंगे तो मैसेज करने के 48 घंटे के भीतर उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा। यह व्यवस्था प्रदेश के सभी जिलों में लागू की जाएगी।
सरकार ने सहभागी फसल निगरानी एवं निदान प्रणाली योजना के तहत किसानों को वाट्सएप व मैसेज के जरिये किसानों की समस्या समाधान योजना बनाई है। यदि किसी किसान की फसलों में कोई रोग या कीट लग गए हैं तो वह अपनी फसल की फोटो के साथ ही उस समस्या को 9452247111 या 9452257111 पर वाट्सएप या एसएमएस कर सकते हैं। कृषि विभाग के विशेषज्ञ 48 घंटे के भीतर संबंधित रोगों को खत्म करने के लिए दवाइयों का नाम व समाधान भेज देंगे। इतना ही नहीं कुछ दिन बाद विभाग के उच्च अधिकारी किसान के उसी नंबर पर कॉल कर यह भी पूछेंगे कि उनकी समस्या का समाधान हो गया है या नहीं।
ऐसे करें वाट्सअप
किसान को अपने या परिवार के किसी भी सदस्य के मोबाइल से उक्त दोनों नंबर 9452247111 या 9452257111 पर अपना नाम, पंजीकरण संख्या, गांव, पोस्ट, विकासखंड, तहसील व जिले का नाम भेजना होगा। चाहे तो एसएमएस भी कर सकते हैं, इस एसएमएस का कोई चार्ज नहीं होगा यह नि:शुल्क होगा।
घर पहुंचेंगे कृषि विशेषज्ञ
संबंधित जिले के कृषि विभाग के कृषि विशेषज्ञ शिकायत करने वाले किसान के घर जाकर सर्वे भी कर सकते हैं कि फसल में कौन सा रोग लगा है। इसके बाद वे किसान को विस्तृत ढंग से पूरी जानकारी देंगे। जिला कृषि रक्षा अधिकारी एके सिंह ने बताया कि किसान अपनी फसल में लगने वाले कीटों व रोगों से संबंधित जानकारी दोनों वाट्सएप नंबरों पर भेजकर लाभ उठा सकते हैं।