
मेरठ। निषेधाज्ञा कानून उल्लंघन के मामले में मेरठ-हापुड़ से भाजपा सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने मंगलवार को विशेष न्यायाधीश पंकज मिश्रा की स्पेशल कोर्ट में सरेंडर किया। बाद में उन्हें निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
घटना एक फरवरी 2012 की मेरठ के नौचंदी थाने की है। जिसमें तत्कालीन थाना इंचार्ज अलका पंवार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें भाजपा सांसद समेत पूर्व विधायक अमित अग्रवाल, सोमेन्द्र तोमर सहित अन्य नेता पर आरोप लगे थे कि उन्होंने बिना अनुमति के सभा की। प्रशासन से सभा की अनुमति नहीं ली गई थी। निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद नारेबाजी कर रहे थे। तत्कालीन एसओ का आरोप था कि उन्होंने इन लोगों को सभा करने से रोका था, लेकिन पुलिस की चेतावनी के बावजूद भी इन लोगों ने जबरन सभा की थी और निषेधाज्ञा के बावजूद नारेबाजी की थी। जिस पर थाना नौचंदी पुलिस ने कानून और आचार संहिता के उल्लंघन की धारा में मुकदमा दर्ज किया था।
वहीं एक अन्य मामला मेरठ रेलवे स्टेशन का है। जिसमें आरोप है कि सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने अपने समर्थकों के साथ ट्रेन रोककर रेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की थी। सांसद राजेन्द्र अग्रवाल के अधिवक्ता ने बताया कि उनको कोर्ट ने निजी मुचलके पर रिहा कर दिया है। इस दौरान काफी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और सांसद समर्थक भी कोर्ट परिसर के बाहर मौजूद रहे।
Published on:
25 Feb 2020 05:08 pm
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