
Protest Against Agneepath in Meerut : अग्निपथ के विरोध में भाकियू का प्रदर्शन,राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
Protest Against Agneepath in Meerut आज मेरठ सहित पूरे पश्चिमी उप्र के जिलों में और तहसीलों में भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान भाकियू ने केन्द्र सरकार द्वारा देश में सेना भर्ती के लिए लाई गई केंद्र की योजना अग्निपथ को वापस लेने की मांग की गई। भारतीय किसान यूनियन द्वारा अग्निपथ योजना के विरोध में जिला मुख्यालय तक पैदल मार्च निकाला गया। मेरठ मंडल अध्यक्ष गुड्डू प्रधान ने बताया कि 2014 के बाद से लगातार केंद्र सरकार ने भारत की पुश्तैनी मजबूत दीवारों को खोखला करने का काम किया है।
केंद्र सरकार ने अपनी नाकाम योजनाओं के तीर से संपूर्ण देश को प्रभावित किया है। इनकी हर असफल योजना से सैकड़ों भारतीयों को अपने प्राणों की आहुति तक देनी पड़ी है। नोटबंदी की लाइन में सौ से अधिक लोग प्रत्यक्ष और सैकड़ों अप्रत्यक्ष रूप से मारे गए। आधा देश बर्बाद हो गया। इसके बाद कोरोना काल में ताली थाली बजवाने के बावजूद हजारों लोग सरकारी अव्यवस्थाओं के कारण चल बसे । भारत की आधारशिला कृषि पर तुगलकी फरमान जारी कर किसानों को आंदोलित किया और सैकड़ों किसानों की बलि लेकर काले कृषि कानून वापस लिये। उन्होंने कहा कि तानाशाह सरकार का इससे भी पेट नहीं भरा तो हिन्दुस्तान के युवाओं से किये गये वायदे प्रति वर्ष दो करोड़ रोजगार देंगे को कलंकित करते हुए अजीबोगरीब संविदा कानून अग्निपथ योजना को लागू कर दिया।
गुड्डू प्रधान ने कहा कि भारत के युवकों को ये समझना होगा कि देश की तमाम संस्थानों को ये सरकार बेच चुकी है और सरकार की नियत अब रक्षा मंत्रालय को प्राईवेट लिमिटेड करने की है। इनके हिसाब से ये धीरे धीरे सेना को संविदा कर्मचारी बनाने का षडयंत्र रच चुकी हैं अगर सही में हमारे देश का प्रधानमंत्री जुमलेबाज नहीं हैं तो पहले हिन्दुस्तान के युवाओं को अपने कथनानुसार दो करोड़ रोजगार प्रति वर्ष के हिसाब से आठ साल के कार्यकाल पूर्ण होने पर 16 करोड़ हिन्दुस्तानी युवाओं को रोजगार प्रदान करें। असंगठित नेतृत्व विहीन शुब्ध भारतीय युवाओं के साथ हुए छल से आज देश का युवा भविष्य को लेकर गंभीर कशमकश में है। सरकार को इनके विरोध पर तत्काल अग्निपथ योजना को वापस लेना चाहिए।
Published on:
24 Jun 2022 04:09 pm
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