
मेरठ. पहले कोरोना संक्रमण (Coronavirus) और उसके बाद अब बर्ड फ्लू (Bird Flu) के चलते चिकन के दाम (Chicken Rate) अर्श से फर्श पर आ गए हैं। वहीं चिकन की डिमांड भी बुरी तरह से प्रभावित हुई है। एक सप्ताह पहले तक चिकन के थोक विक्रेता आपूर्ति पूरी नहीं कर पा रहे थे, अब थोक विक्रेताओं के यहां माल भरा हुआ है और खराब हो रहा है। हालात ये हैं कि 150 रुपये किलो बिकने वाला चिकन अब 70 रुपये किलो में भी कोई खरीदने को तैयार नहीं है।
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सोती गंज मंडी में चिकन व्यापारियों का दावा है कि अभी तक चिकन में बर्ड फ्लू की शिनाख्त नहीं हो सकी है। इसके बावजूद ग्राहकों में खौफ के चलते ही बाजार में चिकन बेहद सस्ता हो गया है। बीते 2 दिन में ही चिकन के दाम आधे से भी कम हो चुके हैं। इसके साथ ही चिकन की दुकानों में ग्राहक भी कम हो गए हैं और चिकन की सप्लाई पर भी फर्क पड़ रहा है। चिकन कारोबारी रहीस बताते हैं कि अभी तक किसी भी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू से बीमार मुर्गी सामने नहीं आई हैं, लेकिन दूसरे पक्षियों के मरने और मीडिया में बर्ड फ्लू की खबरों के चलते से चिकन खाने वालों में खौफ पैदा हो गया है। यही वजह है कि देखते ही देखते दो-तीन दिन में चिकन की डिमांड बेहद कम हो गई है। मेरठ में दिल्ली के गाजीपुर से मुर्गों की सप्लाई आती है। वहां भी अब इसका असर देखने को मिल रहा है।
60 से 70 रुपये किलो पर आ गए चिकन के रेट
चिकन कारोबारी रमेश ने बताया कि एक सप्ताह पहले तक 130 रुपये किलो से लेकिर 150 रुपये किलो तक चिकन बिक रहा था। चिकन के रेट मुर्गे के वजन के हिसाब से तय होते हैं, लेकिन बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए ही चिकन की डिमांड घट गई है। 6 जनवरी को चिकन 70 रुपये किलो पर आ गया था। वहीं आज 7 जनवरी को चिकन के रेट एकदम से घटते हुए 60 रुपए किलो पर पहुंच गए हैं। जिस तरह से बर्ड फ्लू की खबरें आ रही हैं, उसे देखकर लगता है कि चिकन के दाम अभी और गिरेंगे।
Published on:
07 Jan 2021 01:29 pm
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