1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए विभागों ने किया गठजोड़, छापेमारी से हड़कंप

Highlights - प्रदूषण नियंत्रण के लिए गंभीर हुआ सरकारी अमला - डीएम ने दिए विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश - दशहरे के दिन भी 350 दर्ज किया गया एक्यूआई

2 min read
Google source verification

मेरठ

image

lokesh verma

Oct 25, 2020

मेरठ. बढ़ता प्रदूषण और विषाक्त होती आबोहवा प्रदूषण विभाग के साथ ही प्रशासन के लिए भी चुनौती बनी हुई है। लाख कोशिशों के बावजूद प्रदूषण का लगाम नहीं लग पा रही है। दशहरे के दिन रविवार को भी मेरठ का एक्यूआई (Air quality index) 350 दर्ज किया गया। जिले के बढ़ते प्रदूषण को लेकर अब डीएम के बालाजी गंभीर हो गए हैं। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को सख्ती के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई करें। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। इसी के साथ औद्योगिक इकाइयों का विवरण भी तैयार किया जा रहा है। टीमों को औचक निरीक्षण के लिए कहा गया है। जहां भी प्रतिबंधित ईंधन जलता मिलेगा, वहां कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें- गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा यूपी का ये शहर, एनकाउंटर में पुलिस की गोलियों से चार बदमाश पस्त

जिलाधिकारी के आदेश के बाद विभिन्न विभागों के अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण के लिए जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने में जुट गए हैं। उद्योग विभाग, कृषि विभाग, नगर निगम, संभागीय परिवन विभाग, स्थानीय नगर निकाय समेत सभी विभागों के अधिकारियों ने ग्रैप (Graded response action plan) के तहत कार्रवाई शुरू कर दी। डीएम को सभी विभागों के अधिकारी अभी तक की गई कार्रवाई और जागरुकता के प्रयासों की रिपोर्ट देंगे। इसी के साथ प्रशासनिक और प्रदूषण विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से निरीक्षण शुरू कर दिए हैं। नगर निगम ने भी दर्जनों स्थानों पर प्रदूषण फैलाने को लेकर कार्रवाई की है। इससे हड़कंप मचा हुआ है।

क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी योेगेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। टीमें दिन-रात छापेमारी कर रही हैं। औद्योगिक इकाइयों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। अंडरटेकिंग आनी शुरू हो गई। जहां प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों का पालन नहीं होगा और प्रतिबंधित फ्यूल जलता मिलेगा, वहां कार्रवाई की जाएगी। सरधना और खरखौनी में कोल्हुओं पर छापेमारी की गई है।

औद्योगिक इकाइयों को लेकर रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। उद्यमियों से अपील की गई है कि वह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों का पालन करें। उद्यमियों ने आश्वस्त किया है कि वह तमाम उपाय अपना रहे हैं। जहां प्रदूषण की शिकायत आएगी, उसे दूर किया जाएगा। पूरी रिपोर्ट को डीएम को उपलब्ध कराएंगे। औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण भी कराया जा रहा है।

यह भी पढ़ें- BJP नेता को एनसीईआरटी की नकली किताब छापने के मामले में मिली जमानत