
मेरठ. मां की मौत के बाद नशेड़ी बाप को अपनी किशोरी बेटियों पर जरा भी दया नहीं आई। कलयुगी बाप ने दोनों बेटियों को दुत्कार दिया। बेटियां अपने ताई और ताऊ के पास मदद के लिए पहुंची तो वहां से भी दोनों बहनों को दुत्कार ही मिली। समाज में जब चारों तरफ उन्हें बेसहारा दिखाई दिया तो नानी के घर के घर जाकर दोनों ने शरण ली। अब दोनों के स्कूल खुलने वाले हैं और दोनों पढ़ाई करना चाहती हैं, लेकिन ताई और ताऊ जान के दुश्मन बन रहे हैं। उन्हें अपनी जान का खतरा भी सता रहा है।
थाने पहुंची दोनों बहनें
ऐसे में दोनों बहनों को कुछ नहीं सूझा तो सीधी थाना लालकुर्ती पहुंच गई और दोनों ने थानेदार से अपनी व्यथा कही। दोनों की बातें सुनकर थानेदार को रहम आया और दोनों को पुलिस कस्टडी में घर भेज दिया। वहीं मासूम किशोरियों के ताऊ-ताई को पुलिस ने कहा कि अगर परेशान किया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। थाना पुलिस ने दोनों किशोरियों की हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
थानेदार के सामने फूट-फूटकर रोईं मासूम बहनें
थाना लालकुर्ती दो किशोरियां पहुंची उनके हाथ में एक प्रार्थना पत्र था जिसे वह एसओ को पढ़वाना चाहती थी। थानाध्यक्ष अतर सिंह ने दोनों बहनों केा अपने पास बुलाया और थाने आने का कारण पूछा। दोनों बच्चियों को उन्होंने बैठाकर पहले कुछ फल इत्यादि खिलाए उसके बाद उनसे पूछताछ शुरू की। अपनी बात बताते हुए दोनों रोने लगीं।
मां की हुई थी ब्रेन हैमरेज से मौत
पुलिस की पूछताछ में एक किशोरी ने बताया कि जनवरी 2021 में उनकी मां की ब्रेन हैमरेज से मौत हो गई थी। उसके बाद से पिता नशा करते हैं और उन पर ध्यान नहीं देते। इसका फायदा उठाकर उनके ताऊ-ताई ने भी परेशान करना शुरू कर दिया। मजबूर होकर वह अपनी नानी के यहां जाकर रहने लगीं। उन्होंने कई बार घर जाने की कोशिश की, लेकिन ताऊ-ताई ने उन्हें भगा दिया। यही नहीं उन दोनों के साथ कुछ भी करने की धमकी तक दे दी। अब उनके स्कूल खुलने वाले हैं लेकिन ताई उन्हें घर में रहने से रोक रही है। ताई के व्यवहार से उन्हें अपनी जान का खतरा भी सता रहा है।
थानेदार ने सौंपी ताऊ-ताई को जिम्मेदारी
इंस्पेक्टर ने दोनों को शांत कराया और घर वापस भिजवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने सिपाहियों को मासूम के घर भी भेजा, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। इंस्पेक्टर ने बताया कि दोनों बच्चियों के पिता के साथ उनके ताऊ व ताई को भी बुलाकर दोनों बच्चियों की सही तरीके से देखभाल करने और उनकी पढ़ाई की जिम्मेदारी दी है। थानाध्यक्ष अतर सिंह ने बताया कि अगर दोनों बच्चियों को कुछ भी आर्थिक और सामाजिक की मदद जरूरत होगी तो हम उसके लिए भी तैयार हैं।
BY: KP Tripathi
Published on:
18 Aug 2021 10:47 am
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