
मेरठ। कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते लॉकडाउन में सभी उद्योग बंद है। अब ग्रामीण क्षेत्रों के उद्योगों को सरकार ने हरी झंडी दिखाई है। इसके बाद एमएसएमई औद्योगिक संगठनों ने आईआईए की वेब कांफ्रेंस के जरिए सांसद राजेंद्र अग्रवाल के सामने अपनी समस्याएं रखी। उन्होंने कहा कि उद्यमी अपने कर्मचारियों को अप्रैल माह का वेतन दे पाने में असमर्थ हैं। ऐसे में सरकार को उनकी मदद करनी चाहिए। साथ ही मांग की कि औद्योगिक संचालन के लिए निर्देशों औद्योगिक संगठनों से परामर्श के बाद लागू कराया जाए। सांसद ने उद्यमियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याएं और मांग केंद्र व राज्य सरकार तक पहुंचाई जाएंगी। उद्यमियों के सुझाव भी सरकार के समक्ष रखे जाएंगे।
उद्यमियों ने वेब कांफ्रेंस में सांसद से कहा कि उद्योग नहीं चले तो अर्थव्यवस्था और पीछे चली जाएगी। अभी तक सिर्फ 350 उद्योग को ही अनुमति मिली है, जबकि यहां छह हजार इकाइयां हैं। अभी तक सिर्फ आवश्यक सेवाओं से संबंधित उद्योगों को ही अनुमति मिली है। केंद्र सरकार से जारी निर्देश को राज्य सरकार अपने हिसाब से बदलती है। इसके बाद जिला प्रशासन अपने हिसाब से। ऐसे में केंद्र के दिशा निर्देश धरातल तक आते-आते बदल जाते हैं। उन्होंने कहा कि दिशा-निर्देशों में उद्योग संगठनों की राय नहीं ली गई। सरकार की ओर से पैकेज देने की बात कही जा रही है जबकि मेरठ के किसी एमएसएमई को कुछ नहीं मिला है। परिचर्चा में शामिल जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त वीके कौशल ने बताया कि मेरठ शहर पूरा कंटेनमेंट जोन में है। ऐसे जोन में किसी भी प्रकार की गतिविधि की अनुमति नहीं है।
सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि उद्यमियों की समस्याओं का भी हल होना चाहिए। वह राज्य और केंद्र सरकार से भी बात करेंगे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से एमएसएमई को चलाने के लिए विशेष रूप से बात करेंगे। इस कांफ्रेंस में आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज गुप्ता, मंडलीय चेयरमैन अतुल भूषण गुप्ता, मेरठ अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल, वेस्टर्न चैंबर ऑफ कॉमर्स बांबे बाजार के अध्यक्ष रामकुमार गुप्ता, राजकुमार शर्मा, त्रिलोक आनंद, अजय गुप्ता, आशीष महाजन समेत अनेक उद्यमी शामिल थे।
Published on:
06 May 2020 07:08 pm
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