
टूटी सड़क
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
मेरठ. 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की थी कि प्रदेश की सभी सड़कें गडढामुक्त होंगी, लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ की इस घोषणा को विभागीय अधिकारियों ने पलीता लगाया और सड़कें बदहाल होती चली गई। प्रदेश-भर में राजस्व देने में अव्वल मेरठ महानगर की सड़कों की बात करें तो अमूमन सभी सड़कें गडढों से युक्त हैं।
बात वीआईपी क्षेत्र शास्त्रीनगर की करें तो यहां पर भाजपा के दो सांसद और कई विधायक निवास करते हैं उसके बाद भी सड़कें बदहाल हैं। सड़कों के गडढों में गिरकर आए दिन दो पहिया वाहन चालक चोटिल होते रहते हैं।
अब एक बार फिर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने इन बदहाल सड़कों को सुधारने की घोषणा अपने बजट में की है। जिससे अब मूलभूत सुविधाओं में से एक सड़कों की हालत सुधरने की जनता की आस बढ गई है। शहर के लोगों का कहना है कि योगी सरकार के बजट में सड़कों की मरम्मत के लिए प्रावधान कर आम लोगों का ध्यान रखा है। यदि सड़कों के लिए बजट का कुछ हिस्सा भी निकलेगा, तो जनता को गड्ढों से राहत मिल सकेगी।
दरअसल,शहर की मुख्य सड़कों की हालत बारिश के बाद बिगड़ती चली गई। बजट के अभाव में शहर की मुख्य सड़कों की मरम्मत भी नहीं हो पाती, जिससे साल भर लोगों को जूझना पड़ता है। मौजूदा स्थिति में जिले की बागपत रोड, हापुड रोड, गढ़ रोड, मवाना रोड़, रुड़की रोड़,दिल्ली रोड की हालत बेहद खराब है।
वित्तीय वर्ष 2020-21 के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों की हालत सुधारने को लोक निर्माण विभाग ने शासन को 23.59 करोड़ का प्रस्ताव भेजा है जिसमें शहर की प्रमुख सड़कों के अलावा अन्य व ग्रामीण सड़कें भी शामिल हैं। इनकी कुल लंबाई 146 किमी है। अधीक्षण अभियंता संजीव भारद्वाज की माने तो सड़कों की मरम्मत को लेकर लोगों का गुस्सा उनके उपर फूटता है, लेकिन वह एस्टीमेट भेजने के अलावा कुछ नहीं कर सकते। शासन से पैसा जारी नहीं होता, जिस कारण सड़कों की बदहाली से मुक्ति नहीं मिल पाती
Published on:
23 Feb 2021 09:27 pm
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