
25 लाख की लाॅटरी के मैसेज के बाद इस सांसद के पास एटीएम डिटेल को लेकर आया फोन तो मची अफरातफरी
मेरठ। हेलो, सांसद जी बोल रहे हैं। मैं पार्लियामेंट बैंक की ब्रांच से बोल रहा हूं। आपका अकाउंट डिटेल बताइये। उसके बारे में कम्प्यूटर में जानकारी फीड करनी है। कुछ ये शब्द थे मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से भाजपा सांसद राजेन्द्र अग्रवाल के मोबाइल पर आए फोन के। खुद सांसद राजेंद्र अग्रवाल हैरानी में पड़ गए। इससे पहले उनके फोन पर मैसेज आया था कि आपकी 25 लाख की लाटरी लगी है। जिस पर भाजपा सांसद ने कोई ध्यान नहीं दिया। इस मैसेज को उन्होंने किसी मोबाइल कंपनी का समझ गौर नहीं किया, लेकिन जब बैंक अकाउंट की डिटेल के लिए उनके पास फोन आया तो वह चौकन्ने हो गए।
बैंक अधिकारी बनकर ठगी का प्रयास
मेरठ से भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल से ठगी का प्रयास हुआ है। ठगी करने वालों ने बैंक अधिकारी बनकर सांसद को फोन किया और उनकी खाते की डिटेल मांगी। सांसद ने उसको अपनी बातों में लगा लिया तो ठग मामले को समझ गया और उसने फोन डिसकनेक्ट कर दिया। सांसद का कहना है कि उन्हें पहली बार में ही विश्वास हो गया था इसलिए उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी थी। उल्टा वह ही पूछताछ करने लगे। मामले में सांसद ने थाना मेडिकल में तहरीर दी है। जिसको थाना प्रभारी ने साइबर सेल के हवाले कर दिया है।
सांसद ने थाने में तहरीर दी
सांसद राजेन्द्र अग्रवाल की ओर से जो तहरीर दी गई है उसमें कहा गया है कि आठ नवंबर की शाम 4.16 बजे उनके मोबाइल 9412202623 पर 7596961433 नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को राहुल शर्मा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की पार्लियामेंट ब्रांच नई दिल्ली का अधिकारी बताते हुए उनसे काल डिटेल मांगी। फोन करने वाले ने सांसद से एटीएम कार्ड की पूरी जानकारी के साथ एटीएम कार्ड में लिखा हुआ नंबर बताने को कहा। फोन करने वाले अधिकारी ने जानकारी नहीं देने पर एटीएम कार्ड ब्लॉक होने की बात कही। 4.55 मिनट की बातचीत के दौरान ठगी करने वाले युवक ने कई तरह की बातें की, लेकिन सांसद ने एटीएम संबंधित कोई जानकारी नहीं दी और फोन काट दिया। सांसद का कहना है कि इस कॉल से ऐसा प्रतीत होता है जैसे जालसाज ने सांसद से ठगी करने की कोशिश की है। ऐसे में यह जालसाज कोई आर्थिक अपराध भी कर सकता है।
बैंक फ्राॅड नाम से आया नंबर
मेडिकल एसओ सतीश कुमार ने बताया कि सांसद प्रतिनिधि की तरफ से तहरीर आई है। केस साइबर फ्रॉड से संबंधित है। इसलिए केस की जांच साइबर क्राइम सेल को सुपुर्द कर दी गई है। उधर, जब इस नंबर को ट्रू कॉलर पर सर्च किया गया तो यह नंबर बैंक फ्रॉड नाम से पाया गया।
Published on:
11 Nov 2018 09:33 am
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