
घर के भीतर चल रही थी नकली डिस्टलरी, इलेक्ट्रिक भटटी पर तैयार होती थी कच्ची शराब
fake liquor factory मेरठ का ग्रामीण क्षेत्र अवैध और नकली शराब बनाने का बड़ केंद्र बनता जा रहा है। पहले तो हस्तिनापुर और मवाना थाना क्षेत्रों के अलावा किठौर के खादर के इलाके में नकली शराब का धंधा फलता फूलता था। लेकिन अब सरधना इलाके में भी शराब माफियाओं ने अपनी जडे़ मजबूत कर ली है। ऐसे ही घर के भीतर चल रही नकली शराब की हाईटैक फैक्ट्री को आबकारी विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान पकड़ लिया। नकली शराब की ये अवैध फैक्ट्री सरधना क्षेत्र के एक गांव में घर के भीतर चल रही थी जाहं पर कच्ची शराब बनाकर तैयार की जाती थी। उसके बाद उसको पैक कर बाजार में अवैध शराब बेचने वालों को सप्लाई किया जाता था। आरोपी परिवार के लोगों के साथ मिलकर देसी तरीके से कच्ची शराब बनाता था। आरोपी शराब तैयार कर उसकी पैकिंग करने के बाद सरधना सहित आसपास के गांवों में शराब सप्लाई का धंधा करता था। बताया जाता है कि आरोपी पिछले कई साल से नकली शराब के धंधे में लिप्त था।
आबकारी निरीक्षक अनुराधा कुमारी ने बताया कि उनको सूचना मिली थी कि सरधना थाना क्षेत्र के गांव आखेपुर निवासी सुधीर ने अपने घर में नकली शराब बनाने की फैक्ट्री लगा रखी है। इसी के साथ उसने शराब को पैकिंग करने का काम भी किया हुआ है। वह नकली शराब तैयार कर उसको पैक कर बाजार और आसपास के इलाकों में बेचने का काम करता है। उन्होंने सेक्टर एक के निरीक्षक राजेश आर्या के साथ मिलकर गांव में शराब माफिया सुधीर के घर पर छापेमारी की। आबकारी विभाग की छापेमारी टीम को मौके से 15 लीटर अवैध कच्ची शराब, शराब बनाने के उपकरण सहित दो डिब्बों में लगभग 50 लीटर लहन बरामद हुई है। इसे टीम ने जांच के लिए लैब भिजवा दिया।
आबकारी विभाग की टीम की कार्रवाई के दौरान शराब माफिया सुधीर के घर में उसकी बुजुर्ग मां थी। उनसे जानकारी जुटाकर टीम वापस लौट आई है। आबकारी निरीक्षण अनुराधा कुमारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सरधना थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम काम कर रही है। इसके अलावा देहात क्षेत्र में कच्ची शराब बनाने वालों की सूची तैयार कर उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। आबकारी निरीक्षण अनुराधा कुमारी ने बताया कि शराब तस्कर सुधीर का मकान 100 गज में बना हुआ है। उसने दो कमरों में शराब बनाने की इलेक्ट्रिक भट्टी के अलावा पूरी फैक्ट्री लगा रखी थी। वह गुड़ को सड़ाकर कच्ची शराब बनाता था। आबकारी टीम के मुताबिक कच्ची शराब में एल्कोहल की मात्रा निश्चित नहीं होती है। इस वजह से कच्ची शराब पीने वालों की मौत तक हो जाती है।
Updated on:
21 Aug 2022 07:32 pm
Published on:
21 Aug 2022 07:30 pm
बड़ी खबरें
View Allमेरठ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
