
मेरठ। कोरोना संक्रमण से हुए लॉकडाउन केे दौरान कुछ ऐसे वाकये देखने में आ रहे हैं, जो कभी नहीं देखे गए थे, इन्हें सुनकर लोग हैरत में भी है। नया मामला मेरठ के दौराना क्षेत्र का है। यहां के एक अस्पताल में एक ही दिन में दो डिलीवरी हुई और दो बच्चियों का जन्म हुआ। इनमें से महिला के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर बच्चा बदलने का आरोप लगाया है और बेटा होने की बात कहते हुए बच्ची का डीएनए टेस्ट कराने को कहा है। हालांकि यह मामला थाने तक नहीं पहुंचा।
जानकारी के अनुसार, 17 मई को पल्लवपुरम के पल्हैड़ा पैंठ बाजार स्थित सीबी मेमोरियल अस्पताल के स्टाफ ने दौराला और सिवाया की दो गर्भवती महिलाओं को कोरोना टेस्ट के बाद भर्ती किया था। सुबह के समय सिवाया की महिला ने बच्ची को जन्म दिया। उसी दिन शाम को दौराला निवासी महिला ने भी बच्ची को जन्म दिया था। दोनों डिलीवरी नॉर्मल हुई थी। घर पहुंचने के बाद दौराला की महिला के घर के लोगों ने अस्पताल को फोन करके आरोप लगाया कि डिलीवरी के दौरान उनका बच्चा बदला गया है। अस्पताल प्रबंधक अमित चौहान ने इन लोगों से सभी आरोप झूठे बताए। अस्पताल में सिर्फ ये दोनों महिला मरीज ही भर्ती थी। दोनों डिलीवरी एक दिन में हुई और दोनों को बच्ची पैदा हुई थी।
दौराला की महिला मरीज के परिवार ने दावा किया कि गर्भवती महिला को बेटा होना चाहिए था, लेकिन बच्ची कैसे हो गई। उन्होंने बच्ची का डीएनए टेस्ट करवाने की बात कही है। अस्पताल प्रबंधक अमित चौहान का कहना है कि हमने बच्ची और उसके माता-पिता का भी टेस्ट कराने को कहा है। उसके बाद से इस परिवार से कोई सम्प्रक नहीं हुआ है। दौराला पुलिस का कहना है कि थाने में शिकायत नहीं आयी है। तहरीर आने के बाद जांच की जाएगी।
Published on:
19 May 2020 06:05 pm
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