
मेरठ। जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या रोजाना बढ़ रही है। इनमें से ज्यादातर का इलाज चल रहा है तो काफी लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। बहुत बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी है जो या तो इन कोरोना संक्रमितों से जुड़े हैं या फिर उन्हें शंका के आधार पर क्वारंटाइन कर दिया गया। उन्हें ऐसी जगह एकांतवास में भेज दिया गया जहां दूसरे लोग इनके संपर्क में न आ सकें। यही क्वंरटाइन लोगों पर भारी पड़ रहा है। आलम ये है कि लोग कोरोना से ज्यादा क्वारंटाइन होने से डर रहे हैं। वहां बदइंतजामी की वजह से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। एक दिन पहले ही वायरल हुई ऐसी एक वीडियो ने क्वारंटाइन व्यवस्था पर फिर सवाल खड़ा कर दिए हैं।
लालकुर्ती के नेशनल इंटर कॉलेज से वायरल की गई इस वीडियो में बद्री विशाल नाम के युवक ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ यहां क्वारंटाइन है। उनके साथ एक छह महीने की बच्ची भी है। जिस जगह उन्हें रखा गया है वहां कॉलेज के कमरों में उन्हें रखा गया है। युवक के अनुसार 12 लोगों के लिए एक ही रूम का इंतजाम है, जिसमें नीचे दरी बिछाकर सबको लेटना है। कॉलेज के टॉयलेट बहुत ज्यादा गंंदे हैं। जिन्हें खुद ही साफ करना पड़ता है। पीने के पानी का भी कोई इंतजाम नहीं उपर रखी टंकी से जो पानी आता है उसे ही पीना पड़ता है। सबसे ज्यादा दिक्कत तो नहाने की है, जो खुले में ही करना होगा। बाथरूम कहीं है नहीं। ऐसे में महिलाएं कहां जाएं। ये दिक्कत सिर्फ एक क्वारंटाइन सेंटर की नहीं है, कई जगह से ऐसी ही शिकायत है। कमरों में पंखे तो हैं, लेकिन रात को किसी भी समय बिजली चली जाती है तो लोगों को मच्छरों और गर्मी के बीच ही समय काटना पड़ता है।
जिले में फिलहाल 3000 के करीब लोग क्वंरटाइन सेंटरों में रह रहे हैं। इनमें से ज्यादातर को यही परेशानी झेलनी पड़ रही है। उसकी बड़ी वजह ये है कि प्रशासन ने जहां जहां भी क्वारंटाइन सेंटर बनाए हैं, वे ज्यादातर सरकारी स्कूल कॉलेज या सरकारी भवन ही हैं। कुछ दिन पहले घटिया खाने की वीडियो भी वायरल हुई थी जिसमें बासी सब्जी और सूखी रोटी देने की बात सामने आई थी। इस बारे में जिला नोडल अधिकारी डा. विश्वास चौधरी ने बताया कि एक वीडियो वायरल हुआ है। जिसकी जांच करवाई जा रही है। अगर कहीं पर किसी को कुछ परेशानी है तो वह उनसे सीधा संपर्क कर सकता है।
Published on:
19 May 2020 03:13 pm
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