21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Panchayat चुनाव के वार्ड आरक्षण में ‘खेल’ का आरोप, महिला उम्मीदवारों ने शुरू किया विरोध

Highlights: — जारी आरक्षण सूची में महिलाओं को नहीं आरक्षित हुआ एक भी वार्ड — ब्लाक प्रमुख हस्तिनापुर कुसुम सिद्धार्थ ने जताई आपत्ति — दोनों पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के वार्डों से नहीं हुई कोई छेड़छाड़

2 min read
Google source verification

मेरठ

image

Rahul Chauhan

Mar 03, 2021

Panchayat Chunav

Panchayat Chunav

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मेरठ। मेरठ में त्रिस्तरीय पंचायत के वार्ड आरक्षण के विरोध में आवाजें उठनी शुरू हो गई है। वहीं हस्तिनापुर के वार्डों के आरक्षण में एक भी वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित नहीं किया गया। इससे उन दावेदार महिलाओं के मसूबों पर पानी फिरा है जो चुनाव लड़ने की तैयारी में पिछले कई महीनों से जुटी हुई थीं। आरक्षण सूची से पंचायत चुनाव में उन दिग्गजों को भी झटका लगा है जो अपनी पत्नी या फिर अन्य किसी रिश्तेदार महिला को चुनाव लड़वाने की तैयारी कर रहे थे और खुद भी दूसरी जगह से दावेदारी ठोक रहे थे।

यह भी पढ़ें: पिता की अर्थी को कांधा देने के बाद बेटे बोली- हत्यारों का एनकाउंटर करे पुलिस

पंचायत में वार्ड के आरक्षण में प्रशासन पर मनमानी और इसको अनुचित बताते हुए हस्तिनापुर की ब्लाक प्रमुख कुसुम सिद्धार्थ ने इसको चुनौती देने की बात कही है। उन्होंने यह भी कहा कि आरक्षण की इस सूची पर प्रशासन और जिला पंचायत विभाग फिर से विचार करें। कुसुम सिद्धार्थ ने मीडिया को जारी विज्ञप्ति में कहा है कि हस्तिनापुर क्षेत्र पंचायत के आरक्षण में वार्ड-01 से 12, 20, 21, 24 और 49 से 59 तक के वार्डों को अनारक्षित घोषित किया गया है। इसी तरह वार्ड-13 से 19, 22, 23 और 25 से 48 तक के वार्डों को पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। जारी आरक्षण सूची में महिला(सामान्य), अनुसूचित जाति, अनुसूचित जाति(महिला), पिछड़ा वर्ग(महिला) की उपेक्षा करते हुए एक भी वार्ड आरक्षित नहीं किया गया है। जिला पंचायत के कुल 33 वार्डो में से 13 वार्डो को अनारक्षित घोषित किया गया है।

यह भी देखें: 11 माह बाद खुले स्कूल छात्र-छात्राओं का शिक्षकों ने ऐसे किया स्वागत

पूर्व जिला पंचायत अध्यक्षों के वार्ड से कोई छेड़छाड़ नहीं :—

पूर्व जिला पंचायत अध्यक्षों के वार्ड से कोई छेड़छ़ाड़ नहीं की गई। ऐसे में जारी आरक्षण सूची पर आपत्ति जताने के लिए दावेदारों को हवा मिल गई है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंद सिंह का वार्ड एक अनारक्षित और पूर्व अध्यक्ष सीमा प्रधान का वार्ड 2 पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है। पर भी हस्तिनापुर की ब्लाक प्रमुख ने सवाल उठाया है। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ चुकी सपना हुड्डा का वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने से उनको झटका लगा है। बता दें कि सपना के पति का भाजपा के एक विधायक से भी विवाद रहा था। विवाद का कारण भी जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव ही बना था। डॉ. मीनाक्षी भराला का वार्ड 14 सामान्य महिला के लिए आरक्षित हुआ है। इससे वहां पर भाजपा की राह कठिन हो गई है।