
मेरठ। वेस्ट यूपी जहां बिगड़ते वायु प्रदूषण की चपेट में है और लोगों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है। कूड़े और पराली जलाने पर प्रतिबंध है, वहीं देर रात मेरठ कैंट क्षेत्र में कैंट बोर्ड के कबाड़ गोदाम में आग लग गई। यह जानबूझकर लगाई गई या खुद आग लगी, इसकी जांच कैंट बोर्ड और पुलिस कर रही है। कूड़े में आग लगने से खूब वायु प्रदूषण बढ़ा।
थाना लालकुर्ती क्षेत्र के कैंट बोर्ड के कबाड़ गोदाम में बुधवार की देर रात भीषण आग लग गई। आग की भयावहता को देखते हुए आसपास के मकानों को खाली करवा लिया गया। वहीं लोगों का कहना था कि कबाड़ गोदाम से पिछले कई दिनों से कूड़ा नहीं उठाया जा रहा था। आग साजिश के तहत लगाई गई है, जिससे कि कूड़ा समाप्त हो जाए और उसको उठाना न पड़े। आग को काबू करने में तीन घंटे से अधिक का समय लग गया। वहीं दमकल की चार गाडिय़ों को मौके पर बुलाया गया। आग की सूचना पर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। सूचना पर दमकल कर्मचारी भी पहुंच गए थे।
थाना क्षेत्र के रजबन स्थित बड़ा बाजार में छावनी परिषद का कबाड़ का गोदाम है। उसमें प्लास्टिक और गत्ता भरा हुआ है। इसके अलावा इसी गोदाम में कूड़ा भी भर दिया जाता है। जो कि छावनी परिषद की बड़ी गाड़ी आकर हर दूसरे दिन उठा लेती है। इधर कई दिनों गाड़ी नहीं आ रही थी। इसी कूडे के ढेर में करीब डेढ़ बजे आग लग गई। इसके बाद आग ने पूरे गोदाम को अपने आगोश में ले लिया। इसके बाद तो गोदाम परिसर आग की लपटों से घिर गया। गोदाम के आसपास बनी झुग्गियों से लोग बाहर निकल आए। मोहल्ले के लोगों भी घरों से बाहर आ गए। उन्होंने तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दी। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि किसी ने गोदाम में आग लगाई है, वहीं कुछ का कहना था कि आग अपने आप लग गई है। काफी मशक्कत के बाद सुबह 4 बजे आग पर काबू पाया जा सका।
आग से गोदाम में रखा लाखों का समान जलकर राख हो गया है। वहीं मौके पर गुरूवार को सुबह छावनी परिषद के आलाधिकारी भी पहुंचे। उन्होंने आसपास के लोगों से घटना की जानकारी ली। लोगों ने आग को साजिश के तहत लगाने की बात कही है।
Published on:
14 Nov 2019 03:13 pm

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