पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
मेरठ ( meerut news ) भाजपा के पूर्व विधायक ( Former MLA ) गोपाल काली ने अपनी ही सरकार में पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दीपावली की रात बंदूक से फायरिंग करने के आरोप में पुलिसिया कार्रवाई झेल रहे पूर्व विधायक ने मामले को राजनीति से प्रेरित बताया है। अंबेडकर चौराहे पर धरने पर बैठे पूर्व विधायक गोपाल काली ने बंदूक के कारतूस दिखाते हुए कहा कि न्याय पाना हर व्यक्ति का अधिकार है। वे भी न्याय पाने के लिए ही धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि दीपावली की रात उन्होंने बंदरों को भगाने के लिए फायरिंग की थी। उन पर हर्ष फायरिंग के आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने करोड़पति दरोगा धर्मेंद्र यादव पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा है कि काले करोबार को खोलने पर ही उनके ऊपर पुलिस ने ये कार्रवाई की है।
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बता दें कि हस्तिनापुर के निलंबित एसओ धर्मेंद्र के फार्म हाउस के राजफाश से शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रूप ले रहा है। गोपाल काली ने निलंबित एसओ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इस बीच में पूर्व विधायक ने कई आरोप लगाये थे। गोपाल काली ने एसओ पर आरोप लगाते हुए कहा था कि एसओ का फार्म हाउस अनैतिक कार्यों का अड्डा है। धरने पर बैठे पूर्व विधायक ने चेयरमैन और एसओ पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया था। तब से राजनीति ने इस मामले में जोर पकड़ लिया है।
पूर्व विधायक पर लगा था वसूली का आरोप
मंगलवार को एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें कुछ लोग खुद को प्रधान बताते हुए पूर्व विधायक गोपाल काली पर आरोप लगा रहे हैं। एक सप्ताह पूर्व एसओ हस्तिनापुर धर्मेंद्र सिंह का वन क्षेत्र में फार्म हाउस का मामला प्रकाश में आया था। मेरठ में बिजली चोरी प्रकरण में एसओ को निलंबित कर दिया गया था। पूर्व विधायक गोपाल काली ने पूर्व एसओ और चेयरमैन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। जबाव में विरोधी भी हमलावर हो रहे हैं। मवाना खुर्द के प्रधान पति अजय समेत कई प्रधानों ने पूर्व विधायक पर विकास कार्यों में आरटीआइ डालने और अवैध वसूली के आरोप लगाये थे। इसके बाद से दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इधर पूर्व विधायक के धरने पर बैठने के बाद से भाजपाइयों में भी सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है।