
मेरठ के सरधना में दूषित पानी पीने से बीमार महिला
मेरठ के ऐतिहासिक सरधना कस्बे में दूषित पानी पीने से अब तक 300 से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं। इसमें से अधिकांश का इलाज अस्पताल में चल रहा है। दूषित पानी तीन दिन में अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है। मरने वालों में एक गर्भस्थ शिशु भी शामिल है।
लोगों ने शुरू किया पलायन
सरधना के मोहल्ला चमारान में दूषित पानी पीने से बीमार लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। दूषित पानी से क्षेत्र में हैजा फैल गया है। हैजा फैलने के खौफ से लोगों ने अब पलायन शुरू कर दिया है। सरधना में अब तक करीब 30 परिवार पलायन कर चुके हैं। ये परिवार या तो अपने रिश्तेदारी में चले गए हैं या कुछ लोगों ने मकान बेचने के बोर्ड टांग दिए हैं।
रोज बढ़ रही मरीजों की संख्या
सरधना में दूषित पानी पीने से रोज मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। मरीजों की संख्या अब 300 के पार पहुंच गई है। एक सप्ताह पहले चमारान मोहल्ले में दूषित पानी पीने से लोगों की हालत खराब होनी शुरू हुई तो स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी और सीएमओ ने भी मौका—मुआयना किया था। जिलाधिकारी ने सीएमओ को निर्देश दिए थे कि सभी बीमारों का इलाज प्रमुखता से हो और इसको रोका जाए।
हैजा फैलाने के बैक्टीरिया होने की पुष्टि
दूषित पानी की बॉयो केमिकल जांच में हैजा फैलाने वाले बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है। वहीं दूषित पानी से बीमार हुए लोगों के मल की जांच में भी हैजा की पुष्टि हुई है। हैजा फैलने से दहशत में आए लोग अब मोहल्ले से पलायन कर रहे हैं। अब तक करीब 30 परिवार मोहल्ले से पलायन कर चुके हैं। वहीं जो लोग मोहल्ले में हैं उनमें पानी का खौफ इतना है कि उसको हाथ तक नहीं लगा रहे हैं।
चार मौतों के बाद जागा प्रशासन
दूषित पानी पीने से चार लोगों की मौत के बाद मेरठ प्रशासन जागा है। 300 लोगों के बीमार होने के बाद डीएम दीपक मीणा के निर्देश पर अब दूषित पानी प्रभावित मोहल्ले में नई पाइप लाइन डाली जा रही है। एसडीएम सरधना सत्यप्रकाश और तहसीलदार नटवर सिंह, पालिका ईओ शशि प्रभा चौधरी इसकी निगरानी कर रहे हैं। टैंकरों से पानी की सप्लाई की जा रही है। एक जगह टैंकर खड़े कर लोगों को वहां से पानी लेना पड़ रहा है।
Published on:
15 Nov 2022 09:02 pm
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