
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ. Ganga Dussehra 2021. गंगा का पृथ्वी पर अवतरण दिवस गंगा दशहरा श्रद्धालुओं की सभी कामनाओं को पूर्ण करने वाला पर्व माना जाता है। इस बार जेष्ठ शुक्लपक्ष दशमी तिथि रविवार को पड़ रही है। 1948 के बाद यानी 74 साल बाद इस चित्रा नक्षत्र और परिघ योग में गंगा दशहरा लग रहा है। ग्रह-नक्षत्रों का ये तालमेल श्रद्धालुओं के लिए काफी शुभ बताया जा रहा है। इस दिन स्नान-दान गंगा की पूजा करने से वाणी, कर्म व विचार से हुए पापों से मुक्ति मिल जाएगी।
ज्योतिर्विद आचार्य अनिल शास्त्री बताते हैं कि दशमी तिथि शनिवार की दोपहर 2.09 बजे से रविवार की दोपहर 12.02 बजे तक रहेगी। इस दिन मिथुन राशि में सूर्य व शुक्र तथा वृष राशि में बुध व राहु ग्रह का संचरण होगा। वहीं, दोपहर 3.27 बजे तक चित्रा नक्षत्र, परिघ योग है। जो कि 74 साल बाद लग रहे हैं। इस संयोग से देश में अनुकूलता का वातावरण बनेगा और रोग व शोक का प्रभाव कम होगा।
अनिल शास्त्री ने बताया कि जेष्ठ शुक्ल पक्ष दशमी तिथि पर महाराज भगीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। स्कंद पुराण के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ला दशमी संवत्सरमुखी है। इसमें स्नान-दान का विशेष महत्व है। लेकिन, गंगा में शरीर की स्वच्छता से स्नान करने जाना चाहिए। भविष्य पुराण के अनुसार जो मनुष्य गंगा दशहरा पर गंगा जल में खड़ा होकर 'ऊं श्री गंगे नम: का उच्चारण करते हुए सूर्य को अर्घ्य देता है उसकी सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
इसका करें दान
गंगा दशहरा पर जल भरा घड़ा, छाता, मिष्ठान, फल, तिल आदि का दान कल्याणकारी होता है। इस दिन किसी गरीब व्यक्ति को भोजन जरूर कराना चाहिए।
Published on:
19 Jun 2021 11:08 am
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