रजवाहों और नहरों की सफाई के लिए देर रात से गंग नगर में पानी की सप्लाई को हरिद्वार से बंद कर दिया गया है। गंगाजल की सप्लाई बंद होने से आगामी 20 दिन तक महानगर के करीब 6.5 लोग पानी की किल्लत से जूझते दिखाई देंगे। हालांकि निगम ने पानी की कमी दूर करने के लिए पहले से इंतजाम किए हुए हैं।
मेरठ. नहर, रजवाहे की सफाई के लिए शुक्रवार आधी रात से गंगनहर में गंगाजल की सप्लाई को हरिद्वार से बंद कर दिया गया। गंगनहर करीब 20 दिन तक बंद रहेगी। इस दौरान सफाई का काम चलेगा। दीपावली की मध्य रात्रि से फिर गंगाजल की सप्लाई शुरू हो सकेगी। गंगनहर के बंद होने से नगर निगम और जल निगम ने शहर में पानी की सप्लाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का दावा किया है। शनिवार से महानगर के सभी 157 ट्यूबवेल को पूर्ण क्षमता के साथ चलाया जाएगा।
सिंचाई विभाग की ओर से हर वर्ष नहर, रजवाहों की सफाई के लिए अपर गंग नहर, मध्य गंग नहर की वार्षिक बंदी की जाती है। शुक्रवार की मध्य रात्रि से गंग नहर में गंगाजल की सप्लाई हरिद्वार से बंद कर दी गई। शनिवार दोपहर से गंगाजल मिलना बंद हो गया। गंग नहर की वार्षिक बंदी को लेकर शुक्रवार को अपर गंग नहर की ओर से जल शक्ति मंत्री डॉ महेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में नहरों की सिल्ट सफाई कार्य का शुभारंभ किया गया। विभाग के अभियंता यासिर अराफात के अनुसार यह कार्य बंदी के 20 दिन की अवधि के अंतर्गत कराया जाना है।
20 दिन ट्यूबवेल के सहारे रहेगा शहर
गंगाजल की आपूर्ति बंद होने से शनिवार से करीब 20 दिनों तक शहर की करीब पांच लाख आबादी ट्यूबवेल के सहारे रहेगी। शहर में सर्किट हाउस, सिविल लाइन, पीएल शर्मा स्मारक, विजय नगर, वेस्टर्न कचहरी रोड, टाउन हॉल, घंटाघर क्षेत्र, विकास विहार समेत शहर की करीब एक चौथाई आबादी प्रभावित होगी। नगर निगम के जल-कल विभाग के जीएम कुमार गौरव का दावा है कि शनिवार से गंगनहर की बंदी तक सभी ट्यूबवेल को पूर्ण क्षमता के साथ चलाया जाएगा। गंगनहर भोला झाल से करीब 40 मिलियन लीटर (एमएलडी) प्रतिदिन शहर को गंगाजल की आपूर्ति होती है। किसी भी क्षेत्र में पानी की दिक्कत न हो तो टैंकर की भी व्यवस्था रहेगी।