
गन्ना किसानों के गुस्से से योगी के अफसरों के हाथ-पांव फूले, मांगें सुनने के लिए मिल मालिक भी नहीं पहुंचे
मेरठ। गन्ना पेराई शुरू भी नहीं हुआ कि गन्ने की सियासत का मुद्द गरमाने लगा है। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसान मिलों के सामने दरी डालकर बैठने लगे हैं। किसानों की मांग है कि मिलों में पेराई सत्र जल्द से शुरू कराया जाए। समय सीमा बीत जाने के बावजूद शुगर मिल में पेराई सत्र शुरू न किए जाने और गन्ने के बकाया भुगतान की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने मवाना तहसील में जमकर हंगामा किया। गन्ने से लदी ट्रैक्टर-ट्रालियां लेकर तहसील के गेट पर धरना देते हुए किसानों ने छह घंटे तक प्रदर्शन किया। एसडीएम मवाना ने पेराई सत्र शुरू कराए जाने का आश्वासन देते हुए किसानों को शांत किया। वहीं एसडीएम ने मौके पर मिल के अधिकारियों को बुलवाया, लेकिन कोई भी मिल का अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
मवाना तहसील पर किसानों का जोरदार प्रदर्शन
भाकियू के नेतृत्व में सुबह सैकड़ों की संख्या में किसान गन्ना से लदी ट्रैक्टर ट्रालियां लेकर मवाना तहसील परिसर में पहुंच गए। किसानों का कहना था कि इस बाद गन्ना कहां डालें, क्योंकि मिल तो अभी चला नहीं है और गन्ना कटना शुरू हो गया है। ऐसे में गन्ना कहां लेकर जाए। किसानों ने तहसील के गेट पर धरना देते हुए ट्रैक्टर ट्रालियाें को आड़े-टेढ़े खड़ा करके तहसील का गेट अवरूद्ध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की जानकारी के बाद एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव और थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीएम ने किसानों को समझाने का प्रयास किया। जिस पर किसानों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से तीखी नोंकझोंक हुई। किसानों का आरोप था कि पेराई सत्र शुरू न होने के कारण किसानों का गन्ना सूखा जा रहा है। उधर, अब तक गन्ना किसानों का बकाया भुगतान भी नहीं हुआ है। किसानों ने पेराई सत्र शुरू किए जाने की तारीख घोषित न करने तक तहसील के गेट पर अड़े रहने का एलान कर दिया। जिसके बाद अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। करीब छह घंटे तक तहसील गेट पर हंगामा जारी रहा। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने मिल के अधिकारियों से वार्ता करते हुए किसानों को शीघ्र ही पेराई सत्र शुरू कराए जाने का आश्वासन दिया। अधिकारियाें के आश्वासन के बाद किसान वापस लौट गए।
Updated on:
27 Oct 2018 10:02 am
Published on:
27 Oct 2018 10:02 am
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