
Ganna Satta Limit Fixed : पेराई सत्र 2022-23 के लिए गन्ना सट्टा सीमा निर्धारित, इनको मिलेगी विशेष छूट
Ganna Satta Limit Fixed गन्ना पेराई सत्र 2022—23 के लिए गन्ना सटटा नीति का निर्धारण कर दिया गया है। विगत दो वर्ष, तीन वर्ष एवं पांच वर्ष की औसत गन्ना आपूर्ति में से अधिकतम औसत गन्ना आपूर्ति होगी। वहीं सट्टाधारक सदस्य कृषक की मृत्यु पेराई सत्र के दौरान होने पर कृषक का सट्टा चालू रखा जाएगा।आदर्श कैलेण्डर 2022-23 के सिद्धान्तों में कृषक हितों के दृष्टिगत कॉलम में पर्ची का चिन्हांकन एवं हॉयल पर्ची सम्बन्धी नए बिन्दुओं का समावेश किया गया है। पेराई सत्र 2022-23 में कृषक के पास उपलब्ध कृषि योग्य भूमि गाटा संख्यावार फीड कराई जा रही है तथा गाटा के अनुसार कैलेण्डर का संचालन कराया जायेगा।
उप गन्ना आयुक्त ने जानकारी दी है कि गन्ना आयुक्त द्वारा जारी सट्टा एवं आपूर्ति नीति में कृषक हितों के दृष्टिगत मुख्य रूप से भूमि क्रय-विक्रय के प्रकरणों में बेसिक कोटा हस्तान्तरण, ड्रिप विधि से सिंचाई करने वाले कृषकों को सट्टे में प्राथमिकता, सैनिकों, अर्द्धसैनिक बलों, भूतपूर्व सैनिकों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा उनके विधिक उत्तराधिकारियों को गन्ना आपूर्ति में प्राथमिकता, उत्तम गन्ना कृषकों को उपज बढ़ोतरी हेतु निःशुल्क प्रार्थना-पत्र देने की सुविधा एवं सट्टाधारक सदस्य कृषक की मृत्यु पेराई सत्र के दौरान होने पर सट्टा चालू रखे जाने सम्बन्धी प्राविधान प्रमुख हैं।
इस वर्ष की आपूर्ति नीति में प्रति कृषक गन्ना सट्टे की सीमा सीमान्त कृषक (1 हेक्टेयर तक) के लिए अधिकतम 850 कु., लघु कृषक (2 हेक्टेयर तक) के लिये 1,700 कु. तथा सामान्य कृषक (5 हेक्टेयर तक) के लिये 4,250 कु. एवं उपज बढ़ोतरी की दशा में सट्टे की अधिकतम सीमा सीमान्त, लघु एवं सामान्य कृषक हेतु क्रमशः 1350 कु., 2,700 कु. तथा 6,750 कु. निर्धारित की गयी है। गन्ना विकास विभाग द्वारा आपूर्तिकर्ता कृषकों की अधिकतम गन्ना आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए गत दो वर्ष, तीन वर्ष एवं पांच वर्ष की औसत गन्ना आपूर्ति में से अधिकतम औसत गन्ना आपूर्ति को पेराई सत्र 2022-23 के लिए बेसिक कोटा माने जाने के निर्देश दिये गये हैं साथ ही जो कृषक पेराई सत्र 2021-22 में नये सदस्य बने हैं, तथा एक वर्ष ही गन्ना आपूर्ति किए हैं, उनके एक वर्ष की गन्ना आपूर्ति को ही बेसिक कोटा माना जायेगा।
भूमि क्रय-विक्रय के प्रकरणों में बेसिक कोटा भी नियमानुसार हस्तान्तरणीय होगा। ड्रिप इरीगेशन पद्धति अपनाने वाले कृषकों को उनको अतिरिक्त सट्टे में प्राथमिकता दी जाएगी तथा अतिरिक्त सट्टे में अस्वीकृत गन्ना प्रजातियों को सम्मिलित नहीं किया जाएगा। अतिरिक्त सट्टे हेतु किसी गन्ना कृषक से प्रशासनिक शुल्क के रूप में धनराशि की कटौती नहीं की जाएगी। ट्रेंच विधि से बुआई, सहफसली खेती एवं ड्रिप के प्रयोग एक ही खेत पर शुरू करने वाले चयनित ’’उत्तम गन्ना कृषकों’’ से उपज बढोतरी के प्रार्थना-पत्र निःशुल्क प्राप्त किये जाएगें।
Published on:
17 Oct 2022 08:34 pm
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