
कश्मीर में जारी आतंकवाद पर राज्यपाल ने कह दी बड़ी बात, बोले-बंदूक की गोली से नहीं निकलेगा हल
मेरठ. कश्मीर का आतंकवाद दूसरे तरीके का आतंकवाद है। वहां के आतंकवाद को पहले समझना होगा। कश्मीर का आतंकवाद सीमा पार से प्रायोजित है। इसलिए कश्मीर के आतंकवाद को बंदूक की गोली से समाप्त नहीं किया जा सकता। यह कहना है जम्मू-काश्मीर के राज्यपाल सतपाल मलिक का। राज्यपाल सतपाल मलिक मेरठ के खरखौदा कस्बे में एक कॉलेज की स्थापना समारोह में भाग लेेनेे आए थे।
खरखौदा कस्बे के स्वामी कल्याण देव गर्ल्स कॉलेज के स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सतपाल मलिक ने कहा कि जम्मू कश्मीर का आतंकवाद बंदूक की गोली से समाप्त नहीं किया जा सकता। आतंकवाद खत्म करने के लिए युवाओं को समझाना होगा। उन्होंने कहा कि वहां का युवक अपने रास्ते से भटका हुआ है।
दो माह से पत्थरबाजी में आई बेहद कमी
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के निकाय चुनाव में न के बराबर हिंसा हुई है। कश्मीर में हिंसा में कमी आ रही है। जम्मू-कश्मीर में 25 साल तक के युवाओं को एनजीओ में जोड़कर आतंकवाद समाप्त करने पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि पिछले दो महीने से कश्मीर में एक भी पत्थरबाजी की घटना नहीं हुई। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए चुनाव इस बात का प्रतीत है कि कश्मीर दशकों बाद अमन की ओर बढ़ रहा है। राज्यपाल सतपाल मलिक ने कहा कि कश्मीर में चुनाव में आए दिन हत्या होती थी। लेकिन इस बार एक चिड़िया भी नहीं मरी।
उन्होंने कहा कि कश्मीर के युवक अब गोली नहीं, जुबान की भाषा समझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीमा पर भी चैकसी को कड़ा किया गया हैं। उन्होंने कहा कि वहां के स्थानीय नेताओं को भी समझना होगा कि काश्मीर में हिंसा से उनका भला नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की नई सरकार भी औरों की तरह है। उसको भी पाक की अन्य सरकारों की तरह सोचना होगा कि उसका भला भारत से दोस्ती करने में है।
Updated on:
28 Oct 2018 05:46 pm
Published on:
28 Oct 2018 05:46 pm
