
राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पश्चिमी उप्र में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना को लेकर कही ये बड़ी बात
मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक आज सोमवार को मेरठ बार सभागार में आयोजित कार्यक्रम मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कोई जानवर मरता है तो उसका शोक संदेश जारी किया जाता है। लेकिन किसान आंदोलन के समय किसानों की मौत हुई लेकिन भाजपा सरकार की ओर से कोई संदेश नहीं आया। उन्होंने कहा कि वो इस मामले में प्रधानमंत्री से मिले। बाद में पीएम मोदी ने किसानों के हित में कदम उठाए। लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार ने अभी तक एमएसपी पर कानून नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि अडानी ग्रुप ने पानीपत में बड़े गोदाम बनाए हैं। जिसके इशारे पर भाजपा सरकार किसानों को उनके अधिकारों से वंचित कर रही है।
उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के समय लाल किले पर सिख युवक द्वारा लगाए उस पर उनका कहना था कि लाल किले पर केवल प्रधानमंत्री, किसान और सिख को झंडा लगाने का अधिकार है। सत्यपाल मलिक ने मेरठ में हाईकोर्ट बेंच की मांग को उचित बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चार अतिरिक्त हाईकोर्ट बेंच की जरूरत है। वर्ष 1989 में मेरी गलती से मेरठ में बनने से रह गई हाईकोर्ट बेंच।
राज्यपाल पद के दायित्व से मुक्त होने के बाद मैं मेरठ की हाईकोर्ट बेंच के आंदोलन में सक्रिय रूप से सहयोग दूंगा। इसके लिए जिम्मेदार लोगों से संपर्क करके बेंच की स्थापना कराई जाएगी। आज जितना किसानों के लिए लड़ रहा हूं रिटायरमेंट के बाद उससे ज्यादा हाईकोर्ट बेंच के लिए संघर्ष करूंगा। वर्ष 1989 में विधि मंत्री हर्षवर्धन भारद्वाज ने मुझसे कहा था कि चलो मेरठ चलकर हाईकोर्ट बेंच की घोषणा कर देते हैं लेकिन मेरी लापरवाही रही और मैंने उस कार्यक्रम को कुछ दिन के लिए टाल दिया।
Published on:
09 May 2022 07:06 pm
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