
मेरठ। उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान उपद्रवियों ने सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया। इस सबके बीच एक युवक 'मैं आतंकी नहीं' वाली जैकेट पहनकर पहुंचा तो 654 करोड़ का बजट पास नहीं हो सका। दरअसल, मामला मेरठ का है। जहां निगम पार्षद अब्दुल गफ्फार शनिवार को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में स्लोगन लिखी जैकेट पहनकर अन्य पार्षदों के बीच पहुंचा। जिस पर जमकर हंगामा हुआ और शहर के लिए पास होने वाला 654 करोड़ का बजट हंगामे की भेंट चढ़ा गया।
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बताया जा रहा है कि पार्षद अब्दुल गफ्फार ने 20 दिसंबर को जैकेट को पहना। जिस पर पीछे लिखा था, 'आईएम नॉट टेररिस्ट, बैक अप सीएए एनआरसी' (मैं आतंकी नहीं हूं, नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी वापस हो)। इसी बात को लेकर बीजेपी पार्षद गुस्से में थे। वहीं पार्षद जैसे ही नगर निगम की बैठक में पहुंचा तो बीजेपी के पार्षदों ने हंगामा कर दिया। इस दौरान बीजेपी के पार्षद राजेश रुहेला ने कहा कि गफ्फार माफी मांगें या सदन से बाहर जाएं। वहीं इसके विरोध में मुस्लिम पार्षद भी एकजुट हो गए और बीजेपी के खिलाफ नारे लगाने लगे।
मौके पर मौजूद रहे नगर आयुक्त डॉक्टर अरविंद कुमार चौरसिया ने हंगाम कर रहे पार्षदों को शांत करने का प्रयास किया। लेकिन फिर भी वह शांत नहीं हुए। इस दौरान मेयर सुनीता वर्मा ने उनसे 654 करोड़ का बजट पास कराने का भी आग्रह किया। लेकिन सदन में जमकर हंगामा होता रहा। इसके बाद मेयर और नगर आयुक्त ने बैठक को 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया।
वहीं इसकी सूचना पर सिटी मैजिस्ट्रेट संजय पांडेय और सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला मौके पर पहुंचे। वहीं बाद में भी बीजेपी पार्षद हंगामा करते रहे और कहने लगे कि जब तक पार्षद गफ्फार माफी नहीं मांगते, कोई चर्चा नहीं होगी। जिसे देखते हुए इस बैठक को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया और शहर के लिए पास होने वाला छह सौ करोड़ का बजट रुक गया।
Published on:
29 Dec 2019 07:26 pm
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