
मेरठ. ईडी और खुफिया एजेंसियों का पीएफआई पर शिकंजा कसने के बाद से पीएफआई के कार्यकर्ता भूमिगत हो चुके हैं। मेरठ शास्त्रीनगर स्थित पीएफआई के ऑफिस पर आईबी की टीम ने छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पीएफआई के ऑफिस में ताला लटका मिला। वहीं एक अन्य संगठन एसडीपीआई के कार्यालय पर भी छापेमारी के दौरान ताला ही मिला। दोनों ही संगठनों के कार्यकर्ता भी भूमिगत हो चुके हैं। आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि दोनों ऑफिस काफी दिन पहले ही बंद हो चुके हैं। इनके कार्यकर्ता कहां गए अब आईबी और स्थानीय खुफिया एजेंसी इसकी तलाश में जुटी हैं।
बता दें कि पिछले साल दिसंबर में एनआरसी को लेकर उत्तर प्रदेश में हुई हिंसा को भड़काने में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का नाम प्रमुखता से आया था। इसके बाद सरकार ने पीएफआई पर शिकंसा कसना शुरू किया और प्रदेशभर में गिरफ्तारियां की गईं। पीएफआई का एक और संगठन है, जिसका पूरा नाम सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया यानी एसडीपीआई है।
अब एसडीपीआई की भूमिका किसान आंदोलन में सामने आई है। खुफिया एजेंसियों को एक दिन पहले कुछ फोटो-वीडियो मिले हैं, जो दिल्ली-हरियाणा के हैं। इसमें एसडीपीआई के बैनर तले किसानों को खाद्य सामग्री बांटी जा रही है। एनसीआरसी को लेकर हिंसा से पहले भी पीएफआई व एसडीपीआई पर मदद के नाम पर लोगों को भड़काने का आरोप है। अब किसान आंदोलन में एसडीपीआई के सामने आने के बाद खुफिया एजेंसियां चौकन्ना हो गई है।
शास्त्रीनगर में आरटीओ कार्यालय के पास पीएफआई और एसडीपीआई के दफ्तर खुले हुए थे। रात में खुफिया विभाग के अधिकारी दोनों दफ्तरों की जांच करने पहुंचे तो वे बंद मिले। पता चला कि पीएफआई का दफ्तर करीब छह महीने पहले स्थायी तौर पर बंद हो चुका है। जबकि एसडीपीआई कार्यालय जिस मकान में चल रहा था, वहां एक महीना पहले कोई और किराएदार आ गया है। एसडीपीआई का जो पदाधिकारी यह कार्यालय चला रहा था, उसकी लोकेशन फिलहाल दिल्ली के शाहीनबाग में है।
Published on:
05 Dec 2020 11:46 am
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