
मेरठ। परतापुर थाना क्षेत्र के सोरखा गांव में हुए मां-बेटे मर्डर के मुख्य आरोपी मांगे पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। अभी मांगे समेत दो आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जबकि एक अन्य आरोपी गोलू को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है। साथ ही पुलिस ने इन आरोपियों के घरों की कुर्की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 2015 में अपने पिता की हत्या में गवाह भाेलू व उसकी मां की गांव में ही कुटुम्ब के ही दूसरे पक्ष के लोगों ने हत्या कर दी थी।
इस मामले में भोलू की पत्नी कंचन ने रिश्तेदार मांगे पक्ष के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करार्इ थी। एसएसपी मंजिल सैनी ने गवाहों की सुरक्षा में लापरवाही करने वाले इंस्पेक्टर परतापुर सहित पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया था। पुलिस की कर्इ टीमें दोनों आरोपियों की तलाश में कर्इ जगह दबिशें दी हैं, लेकिन अभी तक कोर्इ सुराग नहीं लगा सकी हैं। इसलिए आरोपियों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस ने इनाम व कुर्की प्रक्रिया शुरू की है।
परतापुर के गांव सोरखा में 2015 में ग्राम प्रधान के चुनाव में खड़े हुए सौबीर को वोट नहीं दिए जाने पर यह नरेंद्र पक्ष के साथ विवाद हुआ था। एक ही कुटुम्ब के दोनों पक्ष में इस बात को लेकर कहासुनी हुर्इ थी, नरेंद्र व उसके परिवार ने सौबीर को वोट नहीं दी थी। यह कहासुनी इतनी बढ़ गर्इ थी कि सौबीर पक्ष ने 2016 में नरेंद्र की हत्या कर दी थी। इसमें चश्मदीद गवाह नरेंद्र का की पत्नी निछत्तर व बेटा भोलू थे।
सौबीर अभी भी जेल में बंद है, इस दौरान समझौते की भी कोशिश हुर्इ, लेकिन भाेलू व उसकी मांग ने मना कर दिया था। बुधवार को परतापुर के सोरखा गांव में कुटुम्ब के ही मांगे, उसके भांजे गोलू व इनके साथी संजय ने बाइक पर सवार होकर पहले तो अपनी कार से जा रहेे भोलू पर अंधाधुंध गोलियां बरसाकर हत्या कर दी, इसके बाद ये तीनों उसके घर गए आैर उसकी मां को भी मौत के घाट उतार दिया था।
Published on:
28 Jan 2018, 12:19 AM IST
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